बहराइच: पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता वारिश अली का तालाब में मिला शव, मचा हड़कंप
बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में नानपारा विधानसभा से बसपा के टिकट पर विधायक रह चुके व कांग्रेसी नेता वारिश अली का शव रविवार की सुबह तालाब में मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को तलाब से बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पूर्व विधायक की मौत की सूचना मिलते ही आनन-फानन में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ कार्यकर्ता और ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक का शव घर के पीछे बने तालाब से मिला है।

कोतवाली नानपारा के मिहींपुरवा रोड निवासी वारिस अली (44) का शव रविवार सुबह नानपारा स्थित आवास के पीछे तालाब से मिला है। भाई हकीकत अली ने बताया कि वो रोज सुबह पांच बजे उठकर टहलते हुए घर के पीछे बने तालाब में मछलियों को दाना डालते थे। आज भी वो वही गए थे, जहां पर शायद पैर फिसलने से वो तालाब में गिर गए। विधायक की मौत की सूचना मिलते ही जिले में शोक की लहर दौड़ गई। आवास पर भारी संख्या में समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। वहीं कोतवाली नानपारा की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
पल्लेदारी से MLA तक का सफर
वारिश अली एक जमीनी नेता थे। राजनीति से पहले वारिस अली मिहींपुरवा कस्बे में रहते थे। मिहींपुरवा में ही वह पल्लेदारी व टेंट की दुकान का संचालन करते थे। इसके बाद पल्लेदारी में करने वाले सदस्यों ने उन्हें वर्ष 2003 में अपना नेता चुना। आंदोलन और जन भागीदारी में भाग लेने के कारण वारिश अली की नानपारा विधानसभा में अलग पहचान बनने लगी। वारिश अली ने वर्ष 2004 में बसपा ज्वाइन की थी। इसके बाद वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में उन्हेंने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हालिस की। लेकिन परिसीमन होने के कारण बलहा विधानसभा का गठन हुआ। वह वर्ष 2013 में बसपा के चुनाव में नानपारा से चुनाव लड़े, लेकिन चुनाव हार गए। इसके बाद उन्होंने विधानसभा चुनाव में वर्ष 2017 से पहले कांग्रेस की सदस्यता ली। सपा और कांग्रेस के गठबंधन में वह नानपारा विधानसभा से चुनाव लड़े, लेकिन चुनाव हार गए।












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