अंबेडकर जयंती के बहाने दलितों को लुभाने की कवायद, जानिए BJP के MP-MLA को क्या मिला टास्क
लखनऊ, 14 अप्रैल: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के साथ सत्ता में वापसी के बाद दलित समुदाय योगी सरकार की प्राथमिकता में शुमार हो गया है। मिशन 2024 के तहत दलित कल्याण का रोड मैप तैयार किया गया है। इसकी शुरुआत अंबेडकर जयंती यानी 14 अप्रैल से की गई। इस दौरान कई जिलों में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके लिए बीजेपी की तरफ से अपने सांसदों और विधायकों को भी कार्यक्रमों के टास्क पकड़ाए गए थे ताकि दलित समुदाय के बीच एक अच्छा संदेश जा सके।

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बाबासाहेब अंबेडकर जयंती पर लखनऊ, बरेली, वाराणसी, गोरखपुर और आगरा सहित अन्य प्रमुख शहरों में सांस्कृतिक विभाग के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसकी शुरुआत 13 अप्रैल की शाम को डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में एक संगोष्ठी के आयोजन से हुई। 14 अप्रैल को अंबेडकर महासभा परिसर में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें सीएम योगी आदित्यनाथ मौजूद थे।
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती को मण्डल स्तर पर सामाजिक समरसता के दिवस के रूप में मनाया। प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक ने जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमाओं की साफ-सफाई करने के पश्चात माल्यार्पण व पुष्पार्चन करके कृतज्ञ श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। पार्टी के सभी कार्यालयों के साथ ही सांसद, विधायक व अन्य जनप्रतिनिधि अपने व्यक्तिगत कार्यालयों पर भी बाबा साहेब को श्रद्धाजंली अर्पित किया। जबकि पार्टी के सभी कार्यकर्ता अपने घरों मे बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पार्चन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
स्थापना दिवस से आंबेडकर जयंती तक मनाया समरसता सप्ताह
पार्टी के स्थापन दिवस 6 अप्रैल से बाबा साहेब जयंती 14 अप्रैल तक पार्टी समरसता सप्ताह के तहत आयोजित सेवा कार्यों में रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, फल वितिरण, स्वास्थ्य परिश्रण शिविर, महापुरूषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई का अभियान, प्राथमिक विद्यालयों में स्टेशनरी वितरण, झुग्गी झोपडियों मे फल एवं मिष्ठान वितिरण, गरीबों को भोजन वितरण आदि कार्य कर रही हैं। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर 14 अप्रैल को प्रत्येक जिले में आयोजित होने वाली संगोष्ठियों में पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी, केन्द्रीय मत्री, प्रदेश पदाधिकारी तथा प्रदेश सरकार के मंत्री वक्ता के रूप में उपस्थित होने का टास्क पकड़ाया गया था। राष्ट्र नवनिर्माण में बाबा साहेब के योगदान को समाज के प्रबुद्ध वर्ग व आमजन के बीच साझा किया गया।
राजनीतिक विश्लेषक और काशी विद्यापीठ में राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व प्रमुख प्रो के के द्विवेदी ने कहा,
"भाजपा ने मायावती के दलित वोट बैंक को हड़प लिया है। पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में और फिर 2017 के यूपी विधानसभा चुनावों में। आने वाले समय में बीजेपी इस अभियान को और तेज करेगी और संघ भी इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लेगा। दरअसल संघ काफी लंबे समय से दलितों और आदिवासियों के बीच पैठ बनाने के काम में जुटा हुआ है। इसका असर अब सामने आ रहा है। बीजेपी और संघ की पूरी प्लानिंग अगले चुनाव तक दलितों को अपने पाले में करने की है।''












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