VIDEO: मौत पर 2 मिनट के मौन के बाद विरोध प्रदर्शन के दौरान बार बाला का स्टेजतोड़ू डांस

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मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में किसानों की भीड़ जुटाने के लिए कांग्रेसियों ने नचनियों का सहारा लिया। जहां किसानों द्वारा जमकर नचनियों के ठुमकों पर नोट उड़ाए गए। कोंग्रेसी और धरने पर मौजूद ये वो लोग हैं जो शुगर मिलों से गन्ने के बकाया भुगतान की मांग करते हुए घर परिवार में खर्चे के लिए रुपए ना होने की दुहाई देते हैं। फिर कोई इन लोगों से पूछे जरा की नचनियों के ठुमकों पर इस तरह पैसे क्यों उड़ा रहे हैं। धरने के दौरान मंच से बागपत में नाव डूबने से 24 लोगों की मौत हुई है और इस पर दुख जताने के बाद ये नजारा देखने को मिला। बाकायदा धरने पर किसानों ने 2 मिनट का मौन भी रखा, दो मिनट के दुख और खेद प्रकट करने के बाद मनोरंजन का सिलसिला शुरू कर दिया गया। जब पूर्व सांसद हरेंद्र सिंह मलिक से इस बाबत सवाल पूछा गया तो उन्होंने हड़बड़ाकर बार बाला को स्थानीय स्कूल छात्रा बता दिया लेकिन इन जनाब से कोई पूछे की धरने पर छात्रों के ठुमके और ठुमकों पर नोटों की बरसात तो और भी शर्मनाक है।

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Dirty Dance after death condolences in Farmer Protest Muzaffarnagar

दरअसल मामला बुढाना तहसील के भसाना बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड मिल का है। जहां पूर्व सांसद हरेंद्र सिंह मलिक के नेतृत्व में हजारों किसान और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बकाया गन्ने के भुगतान और बाहर से मंगाई गई शुगर को लेकर विरोध प्रदर्शन के साथ धरना शुरू किया। लेकिन कांग्रेसियों द्वारा धरने में भीड़ ना पहुंचने पर किसानों को धरने में इकट्ठा करने के लिए बार बालाओं की रागनी का सहारा लिया गया। जहां किसानों की भीड़ तो दिखी लेकिन किसानों ने बार बालाओं के ठुमकों पर पैसे भी उठाएं और मस्ती में हंसते हुए और नाचते हुए भी किसान नेता दिखाई दिए।

बार बालाओं के ठुमके से पहले कांग्रेसियों ने बागपत में हुए नाव हादसे में लोगों की मौत पर 2 मिनट का दिखावे के लिए मौन धारण किया और उसके तुरंत 1 मिनट बाद ही बार बालाओं के ठुमके लगवाने शुरू कर दिए। मंच पर शामली के पूर्व कांग्रेस विधायक पंकज मलिक, पूर्व जिला अध्यक्ष सपा प्रमोद त्यागी व कांग्रेसी के दिग्गज नेता मंच पर मौजूद रहे। लेकिन पूर्व सांसद हरेंद्र सिंह मलिक का कहना है कि ये बार बाला नहीं है। ये तो पास के ही गांव कसेरवा की छात्रा है। जिसने एक कार्यक्रम प्रस्तुत किया है और किसान नाचने वाली छात्रा को पैसे दे रहे हैं।

आप वीडियो में साफ देख सकते हैं कि किस तरह जिसे छात्रा बताया जा रहा है वो रागिनी कार्यक्रम में डांस प्रस्तुत कर रही है और किसान मस्ती में नाच के साथ ही पैसे उड़ाने में लगे हुए हैं। पूर्व में भी राजनीतिक मुद्दों को और अपने प्रचार की खातिर कई पार्टियों ने बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड मिल पर बकाया भुगतान को लेकर धरना प्रदर्शन किया है। लेकिन आज तक ना तो सरकार ने किसानों के बकाए भुगतान के बारे में कुछ सोचा और ना ही मिल मालिकों पर कोई कार्रवाई की गई। इसी बीच धरने पर बार बालाओं के ठुमकों पर हो रही राजनीति भी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।

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Dirty Dance after death condolences in Farmer Protest Muzaffarnagar
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