UP Congress के पुराने नेताओं ने नए बॉस Brijlal khabri की बढ़ाई मुश्किलें ?

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) के नए अध्यक्ष Brijlal khabri की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। शनिवार को बृजलाल खाबरी ने प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर पदभार ग्रहण तो कर लिया लेकिन इस अहम कार्यक्रम से यूपी कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की दूरी ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। इस कार्यक्रम के दौरान UPCC के पूर्व अध्यक्ष निर्मल खत्री, राज बब्बर और पूर्व सांसद राजेश मिश्रा शामिल नहीं हुए। इनका नाम यूपीसीसी के नए अध्यक्ष के रेस में भी शामिल था। कांग्रेस के सूत्रों की माने तो 2024 के चुनाव से पहले अपनी रणनीति बनाने में जुटी कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है।

वरिष्ठ नेताओं की दूरी ने बढ़ाई खाबरी की मुश्किलें

वरिष्ठ नेताओं की दूरी ने बढ़ाई खाबरी की मुश्किलें

खाबरी के अलावा छह जोनल अध्यक्षों में से पांच किसी न किसी तरह से बसपा से जुड़े रहे हैं। ऐसे में पार्टी के पुराने नेताओं की नाराजगी जगजाहिर है। खाबरी ने अपने पहले भाषण में घोषणा करते हुए कहा कि वह और उनकी टीम पार्टी को मजबूत करने और सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए कड़ी मेहनत करेगी। खाबरी ने कहा, "हम दिन-रात काम करेंगे। हम सभी चुनौतियों का सामना करेंगे, चाहे कल हो, 2024 या सरकार से लड़ने की चुनौती। हम चुनौतियों का सामना करने के लिए हमेशा उत्सुक रहेंगे।'

निर्मल खत्री, राजबब्बर और राजेश मिश्रा नहीं हुए शामिल

निर्मल खत्री, राजबब्बर और राजेश मिश्रा नहीं हुए शामिल

विशेष कार्यक्रम में यूपीसीसी के पूर्व अध्यक्ष सलमान खुर्शीद, यूपीसीसी के निवर्तमान अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन 'आदित्य' और पूर्व सांसद पीएल पुनिया शामिल थे। यूपीसीसी के पूर्व अध्यक्ष निर्मल खत्री, राज बब्बर और पूर्व सांसद राजेश मिश्रा शामिल शामिल नहीं थे। हालांकि इन नेताओं का नाम यूपीसीसी के नए अध्यक्ष के की रेस में भी शामिल था। खत्री, बब्बर और मिश्रा से जब सम्पर्क नहीं हो पाया।

सीनियर नेताओं की दूरी कांग्रेस के लिए चिंता का विषय

सीनियर नेताओं की दूरी कांग्रेस के लिए चिंता का विषय

पार्टी के एक नेता ने कहा, "पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों और पूर्व एमएलसी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक बड़ा हिस्सा इस तरह के कार्यक्रमों से हमेशा दूर ही रहता है। ये बड़े नेता क्यों नहीं आए ये तो वही बता सकते हैं लेकिन यह पार्टी के लिए चिंता का विषय है।" खाबरी ने कहा कि वह जालौन के एक मध्यमवर्गीय दलित परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने यूपीसीसी अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को धन्यवाद दिया और कहा, "यह मेरी या आपकी वजह से नहीं है। अगर किसी ने इसमें योगदान दिया है (यूपीसीसी अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति) तो वह 'दीदी' प्रियंका गांधी हैं।आप हमेशा मुझे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पीछे खड़े देखेंगे।"

अपने काम से साबित करूंगा कि पार्टी का फैसला सही था

अपने काम से साबित करूंगा कि पार्टी का फैसला सही था

अपनी नियुक्ति को सही ठहराते हुए खबरी ने कहा कि भविष्य लोगों को यह एहसास कराएगा कि यह फैसला सही था। उन्होंने कहा कि यूपीसीसी मुख्यालय के रास्ते में उनका भव्य स्वागत किया गया। "यह स्वागत बृजलाल खबरी को नहीं दिया गया है। इससे पता चलता है कि पार्टी के लोगों ने प्रियंका गांधी वाड्रा के फैसले का स्वागत किया है... दीदी ने मुझ पर और मेरी टीम पर भरोसा दिखाया है। हम दीदी के सपने को टूटने नहीं देंगे।

पूर्व अध्यक्ष ने जहां पार्टी को छोड़ा उससे आगे लेकर जाउंगा

पूर्व अध्यक्ष ने जहां पार्टी को छोड़ा उससे आगे लेकर जाउंगा

खाबरी ने पार्टी को मजबूत करने में अपने पूर्ववर्ती अजय कुमार लल्लू के योगदान का उल्लेख करना नहीं भूले, उन्होंने कहा कि लल्लू ने कांग्रेस को आगे ले जाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने कहा, 'मैं उस पार्टी को आगे ले जाऊंगा जहां से लल्लू ने छोड़ा है। गौरतलब है कि पार्टी के दिग्गजों के एक वर्ग ने लल्लू से दूरी बनाए रखी थी और उन्हें विश्वास में लेने के बजाय पार्टी ने उन्हें निष्कासित करने का फैसला किया था। लल्लू ने अंत में कार्यक्रम का इस्तेमाल प्रतिनिधियों से पार्टी अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे का समर्थन करने का आग्रह करने के लिए किया।

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