आखिर कैसे हो रही IRCTC वेबसाइट की हैकिंग? मामूली दुकानदार ने बुक किए 30 लाख के तत्काल टिकट
एक ओर आम इंसान तत्काल टिकट टाइमिंग के वक्त इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) की वेबसाइट तक नहीं खोल पाते, तो दूसरी ओर कुछ फ्रॉड लोग इसको हैक कर लाखों कमा रहे हैं। हाल ही में इसका खुलासा उत्तर प्रदेश के दादरी में हुआ।
वहां से आरपीएफ ने एक दुकानदार को गिरफ्तार किया है, जो ज्यादा पैसे लेकर लोगों को तत्काल टिकट बेचता था। जब जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि ये खेल वो सालों से खेल रहा और इसके जरिए उसने लाखों की कमाई की है। अब उसके सहयोगियों की तलाश की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक आरोपी मोइनुद्दीन चिश्ती दादरी में रहता है। वहां के अयोध्या गंज में उसकी एक दुकान है, जिसके जरिए वो तत्काल टिकट बुक करता था। वो लोगों से ज्यादा पैसे लेकर गारंटी के साथ टिकट देता था। इसकी खबर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) को लग गई, जब वो उसकी दुकान पर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए।
आरोपी अपनी छोटी सी दुकान से ही तत्काल टिकट बुकिंग के वक्त IRCTC की वेबसाइट को हैक कर लेता था। उसके बाद वो धनाधन टिकट निकालता। जांच करने पर पता चला कि वो दो साल से ये कर रहा था और उसने 30 लाख के टिकट बेचे।
आरोपी ने तत्काल टिकट की बुकिंग के लिए नेक्सस, सिक्का वी2 और बिगबॉस जैसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया। उसने आगामी यात्रा के लिए 88 टिकट बुक किए थे, जिसकी कीमत 1.55 लाख थी। ऐसे में आरपीएफ को शक हुआ और उसकी टीम आईपी एड्रेस ट्रैस कर वहां तक पहुंच गई।
कैसे काम करते हैं ये सॉफ्टवेयर?
इस सॉफ्टवेयर में एजेंट पहले से ही नाम, उम्र, सीट आदि की डिटेल डाल देते हैं। साथ ही पेमेंट के लिए अलग से इसमें ऑप्शन रहता है। ये तत्काल टिकट की विंडो खुलने के कुछ सेकेंड में ही कंफर्म टिकट दे देते हैं। हालांकि ये सॉफ्टवेयर पूरी तरह से गैरकानूनी हैं।












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