200 साल पुराने पेड़ का किया अंतिम संस्कार, मुजफ्फरपुर की शालू सैनी ने पेश की मिसाल
Muzaffarnagar News: पितृ पक्ष के पवित्र माह में लोग अपने पितरों के मोक्ष के लिए पिंडदान कर रहे हैं, तो वहीं उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की शालू सैनी ने एक 200 साल पुराने बुजुर्ग पेड़ का अंतिम संस्कार करके मिसाल पेश की है। दरअसल, लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए विख्यात 37 वर्षीय शालू सैनी ने पहली बार एक पेड़ का अंतिम संस्कार कर समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देने का प्रयास किया है।
शालू सैनी ने सोमवार को बताया कि मुजफ्फरनगर जिले में 200 साल पुराना 'सेमल' का एक विशाल पेड़ बीते बुधवार को अचानक गिर गया था। उन्होंने शुक्रवार को इस पेड़ का 'अंतिम संस्कार' जिले के नयी मंडी श्मशान घाट पर करवाया।

हिंदू रीति रिवाज से हुआ अंतिम संस्कार
200 साल पुराने पेड़ की अंत्येष्टि की हिंदू रस्मों के।मुताबिक की गई। इसके तहत पेड़ के कुछ हिस्से अग्नि में जलाए गए। सैनी के मुताबिक, पिछली लगभग 5 पीढ़ियों को अपनी छांव दे चुके इस पेड़ को लेकर गांव के बुजुर्गों के दिलों में कई यादें बसी हुई हैं। पेड़ ने कई पीढ़ियों को बड़ा होते देखा था। मानो वह परिवार का सबसे बुजुर्ग सदस्य रहा हो।
शालू सैनी ने कहा कि पेड़ का अंतिम संस्कार उसे 'मुक्ति' दिलाने का एक प्रयास था और उन्होंने यह कार्य उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर किया है। शालू बेब कहा कि जब मैंने पेड़ को उखड़ते देखा,तो मुझे ऐसा लगा जैसे मैंने अपने परिवार के सबसे अधिक बुजुर्ग को खो दिया है।
तब उन्होंने पेड़ के अंतिम संस्कार की रस्म शुरू करने की सोची। इसके लिए बकायदा उन्होंने एक पुजारी से सलाह भी ली। उन्होंने बताया कि उन्होंने पेड़ के अंतिम संस्कार के बारे में किसी से कुछ नहीं बताया था,किंतु लोगों को बाद में इसकी जानकारी मिल गई।
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शालू सैनी ने कहा कि अगर मुझे भगवान शिव से आदेश मिलता है, तो मैं आगे भी पेड़ों का इस प्रकार से अंतिम संस्कार करना जारी रखूंगी। पेड़ हम सबको ऑक्सीजन, छाया, फूल और फल देते हैं और मुझे लगता है कि वह पूर्ण सम्मान के साथ विदाई के हकदार हैं। सैनी ने कहा कि वह अगले 'पितृ विसर्जन अमावस्या' के दौरान इस पेड़ के लिए 'हवन' भी आयोजित करवाएंगी।
ज्ञात हो कि मुफ्फरपुर की शालू सैनी वह बीते 5 वर्षों से लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर रही हैं। इसके अलावा वह गरीबों को उनके प्रियजनों के अंतिम संस्कार की रस्मों में सहायता भी करती हैं। शालू सैनी ने अब तक 3,000 से ज्यादा लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने का दावा किया।
इधर प्रयागराज स्थित 'राम नाम बैंक' के संयोजक आशुतोष वार्ष्णेय ने कहा कि भगवान राम को समर्पित धार्मिक संगठन, 'राम नाम बैंक' 2025 में प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ में सैनी का सम्मान करेगा।
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