Sanjay Gandhi Hospital Controversy: HC का दरवाजा खटखटाएगी UP कांग्रेस, जानिए किस नेता पर लगाया ये बड़ा आरोप
UP News: उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने अमेठी के संजय गांधी अस्पताल(Sanjay Gandhi Hospital Amethi) का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। यूपी में अब यह मामला राजनतिक रंग पकड़ता जा रहा है। इसको लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय (Ajay Rai) ने सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) और बीजेपी के सांसद वरूण गांधी (Varun Gandhi) डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक (Dy CM Brajesh Pathak) पत्र लिखकर लाइसेंस बहाल करने का अनुरोध किया था। इस बीच अब कांग्रेस के पूर्व एमएलसी का कहना है कि वह इस मामले को इलाहाबाद उच्च (Allahabad High Court) न्यायालय में चुनौती देगी।

कांग्रेस के पूर्व एमएलसी ने किया ऐलान
कांग्रेस के पूर्व MLC दीपक सिंह ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) पर संजय गांधी अस्पताल का पंजीकरण रद्द करने के आदेश के पीछे का हाथ होने का आरोप लगाया और कहा कि इस आदेश को सोमवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।
चैरिटेबल अस्पताल है संजय गांधी अस्पताल
दीपक सिंह ने बताया कि संजय गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल चलाता है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ट्रस्ट की अध्यक्ष हैं जबकि वायनाड से सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा इसके सदस्य हैं। संजय गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल चलाता है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ट्रस्ट की अध्यक्ष हैं जबकि वायनाड से सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इसके सदस्य हैं।
कांग्रेस ने स्मृति ईरानी पर लगाया आरोप
सिंह ने कहा कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उस अस्पताल को बंद करने की योजना बनाई थी जो आसपास के जिलों के लोगों की चिकित्सा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा कर रहा था। सिंह ने कहा है कि, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने संजय गांधी अस्पताल को बंद कराने की साजिश रची है। आदेश को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती देने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
बीजेपी ने आरोपों को नाकारा
हालांकि, अमेठी के एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा कि अस्पताल का पंजीकरण रद्द करने के आदेश से केंद्रीय मंत्री का कोई लेना-देना नहीं है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एक महिला की मौत के बाद जांच के आदेश दिए थे जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा था और बाद में उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि पंजीकरण रद्द करने का आदेश जांच के बाद जारी किया गया था और केंद्रीय मंत्री के खिलाफ सिंह के आरोप निराधार हैं।












Click it and Unblock the Notifications