'पाकिस्तान का या तो विलय होगा, या विनाश हो जाएगा', विभाजन विभीषिका पर सीएम योगी की दो टूक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाजन विभीषिका दिवस पर पाकिस्तान को लेकर एक बड़ा बयान दिया। लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान या तो भारत में विलय हो जाएगा, या फिर उसका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विभाजन की त्रासदी कभी नहीं दोहराई जानी चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने महर्षि अरविंदो का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने 1947 से पहले और आजादी मिलने के बाद उन्होंने कहा था कि अध्यात्मिक जगत में पाकिस्तान कोई वास्तविकता नहीं है। पाकिस्तान का या तो भारत विलय होगा, या फिर पाकिस्तान हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। अध्यात्मिक जगत में जिसका कोई अस्तित्व ही नहीं है,उसे नष्ट होना ही है।

सीएम योगी ने कहा कि उसकी नष्टता को हमें संदेह की निगाह से नहीं देखना चाहिए, हमें यह मानना होगा कि यह होगा। हमें भी इसके लिए तैयार रहना होगा। हमें अपनी गलती से सीखना होगा। जिसने हमें विभाजन की त्रासदी के रूप में पहुंचाया है, उससे हमें उभरना होगा। जाति, क्षेत्र और भाषा से ऊपर उठकर हमें राष्ट्र प्रथम भाव के साथ काम करना होगा।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र ही नहीं है बल्कि लोकतंत्र की जननी भी है। जितनी स्वतंत्रता भारत ने अपने नागरिकों को दी है, दुनिया में किसी भी देश में अपने नागरिकों को नहीं प्राप्त हुई है। हमें अपने संविधान निर्माताओं के प्रति अपार सम्मान करना चाहिए। हमें सरदार पटेल की दृढ़ता का सम्मान करना चाहिए। हमें बाबा साहब अंबेडकर को नमन करना चाहिए, जिन्होंने अपनी पीड़ा के बावजूद देश के हर समुदाय को ध्यान में रखते हुए संविधान तैयार किया।
इस संविधान के माध्यम से हम सबको भारत के लोकतंत्र पर गौरव करना चाहिए। हमें स्वतंत्रता के नायकों के प्रति श्रद्धा का भाव दर्शाना होगा, जिन्होंने अपने प्राण न्योछावर कर दिया। भारत फिर से अखंड भारत की ओर बढ़ सके, महर्षि अरविंदो के सपने को साकार कर सके, उनकी भविष्यवाणी सच साबित हो सके, इसके लिए हमें भारत को 2047 तक, जब भारत आजादी का शताब्दी महोत्सव मना रहा होगा, उस समय एक ऐसा भारत जो विकसित भारत होगा, शक्तिशाली भारत होगा, सशक्त भारत होगा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1947 के बाद से बांग्लादेश में हिंदू आबादी में भारी कमी आई है। यहां हिंदू आबादी 22% से घटकर सिर्फ़ 7% रह गई। उन्होंने इन हिंदुओं के प्रति सहानुभूति रखने का आग्रह किया और कहा कि अखंड भारत (अविभाजित भारत) का सपना ऐसी त्रासदियों को रोक सकता है।
सीएम योगी ने कहा कि अगर भारत के राजनीतिक नेतृत्व ने 1947 में दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाई होती तो कोई भी बाहरी ताकत अप्राकृतिक विभाजन नहीं करवा सकती थीं। कांग्रेस की सत्ता की लालच ही भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार थी।
मुख्यमंत्री ने विभाजन के दौरान कांग्रेस की भूमिका की आलोचना करते हुए कहा कि वे 1947 की घटनाओं के लिए कभी माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने कांग्रेस पर देश के कल्याण की अपेक्षा सत्ता को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया और दावा किया कि उनके कार्यों के कारण ही भारत को कष्ट उठाना पड़ा।
सीएम ने कहा 1947 में जब अनगिनत लोगों को अपनी मातृभूमि छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा, तब कांग्रेस ने तिरंगे के साथ जश्न मनाया। जब भी कांग्रेस सत्ता में आई, उसने हमेशा देश के लिए नुकसानदेह काम किए। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार विभाजन जैसी त्रासदी को फिर से नहीं होने देगी। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इतिहास से सीख लेने के महत्व पर जोर दिया।












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