कानपुर: हैलट अस्पताल के ICU में पांच मौत की जांच से पहले क्लीन चीट
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर मेडिकल कॉलेज के आईसीयू का एसी फेल होने से 24 घंटे के अंतर पांच मरीजों की मौत होने के बाद अभी जांच भी शुरू नहीं हो पाई थी। उससे पहले डीजी हेल्थ केके गुप्ता ने क्लीन चिट दे दी है। डीजी हेल्थ का कहना है कि जिन मरीजों की मौत आईसीयू में हुई उसका कारण एसी नहीं बल्कि उनको काफी गंभीर बीमारी थी जिसके चलते उनकी मौत हुई।

कानपुर के हैलट अस्पताल के आईसीयू में गुरूवार को पांच मरीजों की मौत हो गई थी। आईसीयू में मरीजों की मौत की मिलने के बाद शासन व प्रशासन हरकत में आ गया और हैलट अस्पताल पहुंचकर जांच का सिलसिला शुरू कर दिया। बता दें कि डीजीएमई डा. केके गुप्ता की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय जांच टीम के चार सदस्य लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआइ) के एनिस्थीसिया विभाग के प्रोफेसर डॉ. देवेंद्र गुप्ता, किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हिमांशु, केस्को के एक्सईएन आरके सिंह व एडीएम सिटी सतीश पाल पहुंचे। आइसीयू में कार्यरत डॉक्टर, नर्सिंग स्टॉफ व एसी मेंटिनेंस स्टॉफ से पूछताछ की। मरीजों से घटना से संबंधित जानकारी भी ली।
डॉ. देवेंद्र गुप्ता का कहना है कि मरने वाले मरीजों की केस शीट देखेंगे। कालेज प्रशासन से भी पूछताछ होगी फिर शासन को रिपोर्ट देंगे। वहीं, दूसरी तरफ डीजीएमई ने कहा कि गुरुवार को भर्ती मरीजों ने बातचीत में परेशानी से इन्कार किया। एसी न चलने से मामूली दिक्कत हुई है। मरने वाले मरीज गंभीर बीमारियों मसलन ब्रेन स्ट्रोक, सेप्टीसीमिया से पीड़ित थे। तापमान बढऩे जैसी कोई बात नहीं है। कुछ मरीजों को सांस की दिक्कत हुई थी। हां, कमेटी के टेक्नीकल सदस्य यह जांच करेंगे कि एसी क्यों फेल हुआ। उन्होंने बताया कि एसी मेंटीनेंस करने वाली कंपनी की लापरवाही सामने आती है तो उस पर कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि एसी फेल होने की वजह से मौतें नहीं हुई हैं।












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