Chhangur Baba के खिलाफ ED और NIA ने भी कसा शिकंजा, धर्म के नाम पर हो रही थी अरबों की हेरा-फेरी
Chhangur Baba News: बलरामपुर के एक छोटे से मोहल्ले में घूम-घूमकर अंगूठियां बेचने वाला बाबा, असल में एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का संचालक निकला। रहस्यमयी चोले में घूमते इस बाबा की असलियत तब सामने आई, जब ATS ने इसकी परतें उधेड़नी शुरू कीं।
धार्मिक चमत्कारों और दरगाह के नाम पर लोगों को भ्रमित करने वाला यह शख्स, देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुका था। इसने खुद को सूफी संत बताकर न केवल धर्म का मज़ाक उड़ाया, बल्कि विदेशी पैसे के बल पर बड़ी साजिश रची।
नाम था जमालुद्दीन, पहचान थी 'छांगुर बाबा' की। इसके साथ पकड़ी गई नीतू उर्फ नसरीन के जरिए यह नेटवर्क महिलाओं को निशाना बनाकर धर्मांतरण कराता था। पूरी साजिश सुनियोजित और चरणबद्ध तरीके से चलाई जा रही थी।

विदेशी फंडिंग की परतें नेपाल से जुड़ी
तीन साल के भीतर इस नेटवर्क ने विदेशों से करीब 500 करोड़ रुपये जुटाए। इनमें से 300 करोड़ रुपये नेपाल के बैंक खातों के जरिए भारत लाए गए। यह पैसा सीमावर्ती जिलों के जरिए हवाला के रास्ते दाखिल हुआ।
नेपाल के रुपनदेही, नवलपरासी और बांके जिलों में इस नेटवर्क के सौ से अधिक बैंक खाते सक्रिय थे। एजेंट मोटे कमीशन पर नकदी निकालकर भारत में अलग-अलग चैनलों से पैसा पहुंचाते थे, जिनमें CDM और मनी एक्सचेंज शामिल हैं।
सीमावर्ती जिलों में छांगुर की गहरी पैठ
बलरामपुर, बहराइच, महराजगंज और लखीमपुर खीरी जैसे सीमावर्ती जिलों में दर्जनों मनी एक्सचेंजर्स इस कड़ी का हिस्सा थे। यहां नेपाल से लाई गई रकम को भारतीय मुद्रा में बदला जाता था।
ATS को संदेह है कि बड़े स्तर पर हुंडी के जरिए भी रकम पहुंचाई गई। हालांकि अभी तक इसका स्पष्ट सबूत नहीं मिला है। बिहार के पूर्णिया, किशनगंज और मधुबनी में भी एजेंटों की सक्रियता पाई गई।
जाति के अनुसार धर्मांतरण के 'रेट कार्ड'
जांच में सामने आया कि यह गिरोह जाति के आधार पर धर्म परिवर्तन के लिए कीमत तय करता था। युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर पहले ब्रेनवॉश किया जाता था, फिर उनका नाम बदलकर नया जीवन थमा दिया जाता था।
लखनऊ की एक युवती को अमित नामक युवक ने पहले प्रेम में फंसाया, फिर बलरामपुर लाकर छांगुर की दरगाह में उसका धर्म बदला गया। इसके बाद उसका नाम बदलकर अलीना रखा गया और परिवार से दूर कर दिया गया।
धार्मिक आस्था के नाम पर बनाया करोड़ों का साम्राज्य
इस पूरे रैकेट के पास करीब 106 करोड़ रुपये की संपत्ति मिली है। महाराष्ट्र के लोनावाला में करोड़ों की ज़मीन, बलरामपुर में आलीशान कोठी और विदेशी नस्ल के कुत्ते सबकुछ धर्म के नाम पर जमा किए गए पैसे से खरीदा गया।
नवीन रोहरा और नसरीन के नाम से दर्ज बैंक खातों में करोड़ों का लेन-देन दर्ज हुआ है। विदेशों में भी कई बैंक खातों की पुष्टि हुई है। इन खातों के माध्यम से सऊदी अरब, तुर्की और दुबई से भारी फंडिंग की जाती थी।
बुलडोजर चला, अब ED और NIA के निशाने पर
प्रशासन ने बलरामपुर की जिस कोठी से यह साजिश रची जा रही थी, उसे ध्वस्त कर दिया है। कोठी सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी, जहां से ATS को कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले हैं।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत छांगुर और उसके साथियों पर केस दर्ज कर लिया है। इनकम टैक्स विभाग से उनके पिछले 10 साल के रिटर्न की जानकारी भी मांगी गई है। अब इस मामले की जांच NIA भी कर रही है।
सूत्रों की मानें तो इस रैकेट का मकसद सिर्फ धर्म परिवर्तन नहीं था। गिरोह उत्तर प्रदेश के जनसांख्यिकीय ढांचे को बदलने की साजिश में जुटा था। गोरखपुर, अयोध्या और आजमगढ़ जैसे जिलों में भारी फंडिंग हुई थी।
विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने दावा किया है कि उनकी शिकायत पर यह कार्रवाई शुरू हुई थी। परिषद के अनुसार, अब तक कई युवतियां वापस अपने परिवारों से जुड़ चुकी हैं। वहीं पुलिस अन्य 14 आरोपियों की तलाश में लगी है।
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश के अनुसार, छांगुर और नसरीन को 10 से 16 जुलाई तक रिमांड पर रखा जाएगा। इन पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है और संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है।












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