चंदोसी सुरक्षित सीट: गुलाबो देवी के सामने भितरघात से निपटने की चुनौती
लखनऊ, 6 फरवरी: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दल एक दूसरे को तगड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल चंदौसी सुरक्षित सीट पर दिख रहा है जो एक वीआईपी सीट मानी जाती है और यहां मंत्री गुलाबो देवी के सामने एक बड़ी चुनौती रहेगी। योगी सरकार में राज्यमंत्री गुलाब देवी को इस बार विरोधियों के साथ ही साथ अपनों के भितरघात की भी चुनौती होगी क्योंकि जब बीजेपी ने उनको यहां से प्रत्याशी घोषित किया था तब भाजपाइयों ने इसका विरोध किया था। हालांकि अब विरोध के स्वर थम गए हैं।

इस चुनाव में सपा ने जहां विमलेश कुमारी पर विश्वास जताया है वहीं दूसरी ओर विमलेश कुमार पिछले चुनाव में कांग्रेस की प्रत्याशी थी। कांग्रेस ने इस सीट से मिथलेस कुमारी को मैदान में उतारा है तो बसपा ने रणविजय सिंह को टिकट दिया है। आजाद समाज पार्टी से रविंद्र कुमार तो आम आदमी पार्टी से रामकुमार ताल ठोक रहे हैं। गुलाबो देवी की वजह से चंदोसी सीट एक वीआईपी सीट मानी जाती है। चंदोषी सीट से गुलाब देवी 1991 में पहली बार विधायक चुनी गईं थीं। बीजेपी इस सीट पर पांच बार जीत हासिल कर चुकी है। पांच में से चार बार गुलाब देवी ने इस सीट पर भगवा परचम लहराया है। इसी का नतीजा था कि 1996 और 2017 में वह प्रदेश सरकार में मंत्री बनीं।
क्या कहते हैं पिछले परिणाम
चंदोसी सीट पर यदि पिछले परिणाम की बात करें तो यहां बीजेपी की तरफ से गुलाब देवी ने एक लाख से ज्यादा मत हासिल किया था। वहीं दूसरी ओर विमलेश कुमारी कांग्रेस की उम्मीदवार के तौर पर दूसरे नंबर पर रही। उनको 59 हजार मत मिले थे। तीसरे नंबर पर बसपा की विमरावती देवी थीं जिनको 51 हजार वोट मिले थे। महान दल की ज्योतसना को 3615 वोट मिले थे जबकि रवींद्र कुमार को रालोद के उम्मीदवार के तौर पर केवल 1278 वोट ही मिले थे।
जो साधेगा जातीय समीकरण उसी की होगी जीत
चंदौसी सीट की बात करें तो यहां पर सबसे अधिक मुस्लिम मतदाता हैं। मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 88 हजार है जबकि एससी-एसटी के मतदाताओं की संख्या 85 हजार है। वैश्य मतदाताओं की संख्या 40 हजार, खागी 30 हजार, सैनी 25 हजार, ठाकुर मतदाता 20 हजार हैं। इसके अलावा पाल मतदाता 16 हजार और ब्राह्मण मतदाता 15 हजार हैं। यादव 15 हजार और प्रजापतियों की संख्या 12 हजार है। इस लिहाज से देखा जाए तो जो भी उम्मीदवार जातीगत आंकड़ों को अपने पक्ष में करेगा जीत उसकी की होगी।
क्या है क्षेत्र की समस्याएं
चंदौसी विधानसभा में मूलभूत समस्याओं की बात करें तो यहां बिजली की जर्जर लाइन, टूटी सड़कें, अंडरपास और जलनिकासी बड़ी समस्याएं हैं। लेकिन चुनाव आते आते जातीगत खेल के आगे इन मुद्दों को गौड़ कर दिया जाता है। आज इनकी बात करने वाला कोई नहीं हैं। सभी उम्मीदवार अपनी अपनी जातियों को ही साधने में जुटे हुए हैं। उम्मीदवारों को भी पता है कि जितनी जातियों को साधने में वो कामयाब होंगे उनकी जीत का प्रतिशत उतना ही अधिक होगा।












Click it and Unblock the Notifications