Avalanche: क्या होता है एवलांच, जिसने चमोली में मचाई तबाही? कब-कब बना मौत का काल? कैसे बचाएं जान? जानें
Chamoli Avalanche 2025 News: उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली जिले में माणा गांव के पास एक बड़ा एवलांच (हिमस्खलन) हुआ है, जिससे भारी तबाही मच गई है। इस हादसे में 57 मजदूर फंस गए थे, जिनमें से 16 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 41 मजदूरों की तलाश जारी है। ये सभी मजदूर सीमा सड़क संगठन (BRO) के ठेकेदार के तहत काम कर रहे थे।
राहत और बचाव कार्य में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दल जुटे हुए हैं, लेकिन मौसम खराब होने और भारी बर्फबारी के कारण ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं। अब सवाल उठता है कि आखिर एवलांच (हिमस्खलन) क्या होता है और कैसे आता है?

What is Avalanche: एवलांच (हिमस्खलन) क्या होता है?
जब किसी पहाड़ या ढलान पर बर्फ तेजी से नीचे गिरती है, तो उसे एवलांच कहा जाता है। यह भारी बर्फबारी, जलवायु परिवर्तन, भूकंप, तेज शोर या इंसानी गतिविधियों की वजह से हो सकता है। यह बर्फ अपने साथ पत्थर, मिट्टी और अन्य चीजों को भी नीचे खींच लेती है, जिससे भारी तबाही मचती है।
Avalanche Causes: कैसे आता है एवलांच?
- भारी बर्फबारी - जब पहाड़ों पर बहुत ज्यादा बर्फ जमा हो जाती है, तो गुरुत्वाकर्षण के कारण वह अचानक गिर सकती है।
- तापमान में बदलाव - सूर्य की तपिश या अचानक ठंड बढ़ने से बर्फ कमजोर होकर खिसक सकती है।
- भूकंप और कंपन - ज़मीन में हलचल से ऊपरी बर्फ टूटकर गिर सकती है।
- मानव गतिविधियां - स्कीइंग, पर्वतारोहण, सड़क निर्माण जैसी गतिविधियाँ भी हिमस्खलन को ट्रिगर कर सकती हैं।
- जलवायु परिवर्तन - ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण बर्फ का असंतुलन बढ़ रहा है, जिससे एवलांच की घटनाएं बढ़ रही हैं।
Types of Avalanches: कितने तरह के होते हैं एवलांच?
- स्लैब एवलांच (Slab Avalanche) - जब बर्फ की मोटी परत एकसाथ टूटकर नीचे गिरती है।
- लूज स्नो एवलांच (Loose Snow Avalanche) - जब बर्फ छोटे-छोटे टुकड़ों में ढलान से गिरती है।
- आइसफॉल एवलांच (Icefall Avalanche) - जब ग्लेशियर से बड़े बर्फीले टुकड़े टूटकर गिरते हैं।
- रॉक एवलांच (Rock Avalanche) - जब बर्फ के साथ-साथ पत्थर और मिट्टी भी गिरने लगती है।
Avalanche Incidents in Uttarakhand: उत्तराखंड में एवलांच की घटनाएं
- 30 जून 2024: केदारनाथ में गांधी सरोवर में हिमस्खलन की घटना, कोई हताहत नहीं।
- 2021: त्रिशूल चोटी पर हिमस्खलन, नौ पर्यटकों की मौत।
- 2019: नंदा देवी चोटी पर एवलांच, विदेशी पर्वतारोहियों की मौत।
- 2016: शिवलिंग चोटी पर दो विदेशी पर्वतारोहियों की मौत।
- 2012: वासु की ताल के पास हिमस्खलन, 5 पर्यटकों की मौत।
- 2008: कालिंदी पास में एवलांच, नौसेना के 5 पर्वतारोहियों सहित 6 की मौत।
- इस एवलॉन्च में बंगाल के तीन पर्वतारोही और पांच पोर्टर की मौत।

How to Survive an Avalanche: एवलांच आने पर कैसे बचें?
अगर आप एवलांच प्रभावित इलाके में हैं, तो इन उपायों से अपनी जान बचा सकते हैं:
- जितनी जल्दी हो सके हट जाएं - अगर आपको हिमस्खलन आता दिखे, तो तुरंत किनारे की ओर भागें।
- बर्फ पर तैरने की कोशिश करें - अपने शरीर को हल्का रखें और पीठ के बल लेटकर हाथ-पैर चलाएं ताकि आप सतह के करीब रह सकें।
- मुंह और नाक को ढकें - अपनी सांस को बचाने के लिए जैकेट या हाथ से मुंह ढक लें।
- बचाव उपकरण साथ रखें - एवलांच बीकन, फावड़ी और अन्य उपकरण साथ रखें ताकि बचाव दल आपको जल्दी खोज सके।
- शांत रहें और ऊर्जा बचाएं - ज्यादा हिलने-डुलने से ऑक्सीजन जल्दी खत्म हो सकती है।
Pushkar Singh Dhami: सरकार और बचाव दल की कार्रवाई
उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमें भेज दी हैं। अभी तक 10 मजदूरों को बचाया गया है, और बाकी की तलाश जारी है। बचाव कार्य खराब मौसम की वजह से धीमा हो सकता है, लेकिन सभी को सुरक्षित निकालने की पूरी कोशिश की जा रही है।
Glacier Avalanche Difference: ग्लेशियर और हिमस्खलन में क्या अंतर?
ग्लेशियर और हिमस्खलन (Avalanche) दोनों ही बर्फ से संबंधित प्राकृतिक घटनाएं हैं, लेकिन इन दोनों के स्वरूप, कारण और प्रभाव में बड़ा अंतर होता है। ग्लेशियर एक धीमी गति से बहने वाली स्थायी बर्फ की नदी होती है, जबकि हिमस्खलन अचानक होने वाली एक खतरनाक घटना होती है, जिसमें बड़ी मात्रा में बर्फ तेजी से पहाड़ से नीचे गिरती है।
| क्रमांक | टाइप | ग्लेशियर (Glacier) | हिमस्खलन (Avalanche) |
|---|---|---|---|
| 1 | मतलब | बर्फ की एक स्थायी, धीमी गति से बहने वाली नदी | बर्फ, चट्टानों और मिट्टी का अचानक नीचे गिरना |
| 2 | स्पीड | बहुत धीमी (सालों में कुछ मीटर या किमी) | बहुत तेज (100-300 किमी/घंटा) |
| 3 | अवधि | हजारों वर्षों तक बना रहता है | कुछ सेकंड या मिनटों में समाप्त हो जाता है |
| 4 | स्थान | उच्च पर्वतीय और ध्रुवीय क्षेत्र | ऊँचे और बर्फीले पर्वतीय ढलान |
| 5 | वजह | बर्फ का जमाव और दबाव | तापमान में बदलाव, कंपन, बर्फबारी, मानवीय गतिविधि |
| 6 | प्रभाव | धीरे-धीरे पर्यावरण पर प्रभाव डालता है | तुरंत जान-माल का नुकसान कर सकता है |
| 7 | खतरे का स्तर | कम (पर्यावरणीय बदलाव) | बहुत अधिक (अचानक आपदा) |
खबर सोर्स:-
- National Avalanche Center, USA - (https://avalanche.org)
- Indian Meteorological Department (IMD) - (https://mausam.imd.gov.in)
- United Nations Disaster Risk Reduction (UNDRR) -(https://www.undrr.org)
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