आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलती कार अचानक बन गई आग का गोला
कन्नौज। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इससे पहले कार सवार कुछ समझ पाते कार अचानक आग का गोला बन गई तेजी से उसमें आग जलने लगी। कार में सवार पति पत्नी सहित कार चालक को वहां पर मौजूद यूपी 100 पुलिस टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बचाव कार्य के दौरान यूपी 100 का एक सिपाही जख्मी हो गया। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने जब तक आग पर काबू पाया कार पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुकी थी। कार में रखे दो मोबाइल, कपड़े और दो लाख की नगदी भी राख हो गई। हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे की एक लेन पर यातायात व्यवस्था को बाधित करना पड़ा।

बैठक से वापस आ रहे थे दम्पति
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर कन्नौज के ठठिया थाना क्षेत्र के इनायतपुर और पीपरौलि गाव के बीच एक्सप्रेस-वे लखनऊ से आगरा की लेन पर अनियंत्रित हुई कार डिवाइडर से टकरा कर पलट गई। कुछ देर बाद इसमें आग लग गई। कार में आग लगी देखकर गश्त कर रही पीआरवी 1645 के पुलिस जवान रुक गए और कार मे फंसे दंपती व चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। इसमें सिपाही वसीम को चोटें आईं। बताते चले कि गाजियाबाद के इंदिरानगर एसई 111 निवासी अजय सिंहल अपनी पत्नी अनीता और चालक धीरेंद्र यादव के साथ लखनऊ में लायंस क्लब की बैठक में शामिल होने गए थे। लखनऊ में बैठक समाप्त कर वह कार से गाजियाबाद लौट रहे थे। इसी बीच ठठिया थाना क्षेत्र के बासुंइया गांव के सामने तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इससे कार में आग लग गई।
जलकर राख हुई कार
गनीमत यह रही कि यूपी -100 पुलिस कुछ ही दूर पर मौजूद थी। पुलिस ने कार में फंसे अजय सिंहल, उनकी पत्नी अनीता और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान सिपाही वसीम के पैर में कार का टूटा सीसा लग गया। इससे वह जख्मी हो गए। देखते-देखते कार आग से जलकर राख में तब्दील हो गई। बिल्डर अजय सिंहल ने बताया कि कार में रखे उनके दो मोबाइल, कपड़े व दो लाख की नगदी जलकर राख हो गई। पीछे से आ रहे अजय सिंहल के मित्र जितेंद्र चौहान निवासी आगरा के साथ वह गाजियाबाद के लिए रवाना हो गए।
ऐसे बची जान
बताते चले कि कार सवार महिला की सूझबूझ ने कार सवार लोगों की जान बचा ली। दरअसल आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर सफर करते समय अजय और चालक धीरेंद्र सीट बेल्ट नहीं लगाए थे। हादसे से करीब 20 मिनट पहले ही अनीता ने चालक और पति अजय को नसीहत देते हुए सीट बेल्ट बांधने को कहा था। हादसे के दौरान अगर तीनों लोग सीट बेल्ट न लगाए होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। किसी की भी जान जा सकती थी। थाना प्रभारी अमर पाल सिंह ने बताया कि सीट बेल्ट लगाए होने के कारण किसी को भी चोंटे नहीं आईं।












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