UP : संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस निरस्त होने का मामला गरमाया, अजय राय ने सीएम योगी को लिखा पत्र
Sanjay Gandhi Hospital Amethi: उत्तर प्रदेश में अमेठी जिले के संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस निलंबित होने के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय राय (Congress Chief Ajay Rai) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Aditya Nath) से जनहित में इस फैसले को वापस करने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे लोगों को असुविधा हो रही है। दरअसल ये मामला सीधे तौर पर सोनिया गांधी (Soniya Gandhi), प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ओर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से जुड़ा हुआ है।

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी संजय गांधी मेमोरियल ट्रस्ट नई दिल्ली द्वारा संचालित संजय गांधी अस्पताल की अध्यक्ष हैं जबकि पार्टी नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इसके सदस्य हैं। दरअसल, राज्य स्वास्थ्य विभाग ने 22 वर्षीय महिला की मौत के मामले में सोमवार को अमेठी के मुंशीगंज इलाके में अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया था और ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं बंद कर दी थीं।
राय ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि
अस्पताल पिछले कुछ दशकों से आसपास के क्षेत्रों के लोगों को न्यूनतम शुल्क पर और बिना किसी लाभ के स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान करता है। अस्पताल अमेठी की जीवन रेखा है। लाइसेंस के निलंबन से ओपीडी, सर्जरी और अन्य विभागों की सेवाओं के लिए आने वाले लाखों लोगों को असुविधा हो रही है।
मुंशीगंज थाने में दर्ज हुआ था मामला
इससे पहले रविवार को मुंशीगंज थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304ए (लापरवाही से मौत) के तहत अवधेश शर्मा, जनरल सर्जन डॉ. मोहम्मद राजा, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. सिद्दीकी और चिकित्सक डॉ. शुभम द्विवेदी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
14 सितंबर को अस्पताल में भर्ती हुई थी महिला
दिव्या नाम की महिला को पेट में दर्द की शिकायत के बाद 14 सितंबर की सुबह उसके परिवार के सदस्य संजय गांधी अस्पताल ले गए। उसके परिवार ने कहा कि उसकी जांच करने के बाद, डॉक्टर ने उसके पित्ताशय में पथरी निकालने के लिए ऑपरेशन का सुझाव दिया। उसी दिन, वह ऑपरेशन से पहले कोमा में चली गई और लखनऊ रेफर किए जाने से पहले उसे 30 घंटे से अधिक समय तक अस्पताल में रखा गया।
ये है पूरा मामला
उनके पति अनुज शुक्ला ने आरोप लगाया कि दिव्या की 16 सितंबर को सुबह 4 बजे लखनऊ में मौत हो गई, उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अस्पताल में दिल का दौरा पड़ा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि अतिरिक्त सीएमओ डॉ. राम प्रसाद के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मृतक मरीज दिव्या को दिए गए इलाज में ढिलाई बरती गई। अगर विशेषज्ञ डॉक्टर अस्पताल पहुंचते तो उसे बचाया जा सकता था।












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