यूपी: लड़कियों की फेसबुक आईडी से जासूसी कर रहा पाकिस्तान, बीएसएफ के जवान को हनीट्रैप में फांस निकलवाई जानकारी

लखनऊ। यूपी एटीएस की नोएडा यूनिट को बुधवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एटीएस की टीम ने बीएसएफ के एक ऐसे सिपाही को गिरफ्तार किया है, जो हनीट्रैप में फंसा हुआ है। इस बारे में डीजीपी ने एटीएस ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस मामले में पूरी जानकारी दी।

यूपी: हनीट्रैप में फंसा बीएसएफ का जवान, गुप्त सूचना आईएसआई तक पहुंचाने के आरोप में एटीएस ने किया गिरफ्तार

लड़कियों की फेसबुक आईडी से जासूसी कर रहा है पाकिस्तान
पाकिस्तानी ISI पिछले कुछ समय से लड़कियों की फेसबुक आईडी बनाकर सेना और सशस्त्र बल के जवानों से मित्रता कर उन्हें अपने जाल में फंसा कर जासूसी करा रहा हैं। इसी प्रकार की एक फेक आईडी के बारे में मिलिट्री इंटेलिजेंस की चंडीगढ़ यूनिट से यूपी एटीएफ को सूचना मिली थी। एटीएस की काउंटर एस्पिओनाज टीम ने इस संबंध में एक एफआईआर कर जांच की तो ऐसी कई भारतीय फेसबुक आईडी को चिन्हित किया गया, जो ऐसी फेक आईडी से निरंतर संपर्क में थी।

जांच में हुआ खुलासा
इस बारे में जब और गहराई से जांच की गई तो बीएसएफ का कॉन्स्टेबल अच्युतानंद मिश्रा निगाह में आया, जिससे एटीएस और बीएसएफ अधिकारियों ने बीती 17 और 18 सितम्बर को नोएडा में पूछताछ की और उसका डाटा डाउनलोड और एक्सट्रैक्ट किया। जिसके बाद पता चला कि इसने ऑफिशियल सिक्रेट एक्ट के अंतर्गत अपराध किया है। मामले की जांच में पता चला कि साइबर हनी ट्रैप के मामले में फंसने वाले बीएसएफ के सिपाही का नाम अच्युतानंद मिश्रा रीवा मध्य प्रदेश का रहने वाला है, जो कि वर्ष 2006 में बीएसएफ में भर्ती हुआ था। सिपाही शादीशुदा है और इसके दो बच्चे भी हैं।

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जनवरी 2016 में मिश्रा की महिला से हुई थी मित्रता
जनवरी 2016 में मिश्रा की मित्रता फेसबुक आईडी के जरिए एक महिला से हुई थी। महिला ने खुद को डिफेन्स रिपोर्टर बताया था। शुरूआत में दोनों के बीच बातें हुईं, फिर मिश्रा ने गोपनीय सूचनाएं (यूनिट की लोकेशन, शस्त्र गोला बारूद का विवरण, बीएसएफ परिसर के चित्र और वीडियो) देना शुरू कर दिया। दूसरे चरण में पाकिस्तानी नंबर से व्हाट्सऐप बात शुरू हुई, जिसके बाद यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया कि मिश्रा यह सूचनाएं पाकिस्तान भेज रहा है।

जांच में मिले सबूत
मामले की जांच में टीम को मिश्रा के मोबाइल और फेसबुक से तमाम साइबर साक्ष्य मिले हैं। इसकी ओर से भेजे गए चित्र और वीडियो भी एक्सट्रैक्शन में मिल गए हैं। जिस व्हाट्सऐप नंबर से यह बात करता था। वह पाकिस्तान दोस्त के नाम से सेव मिला। पूछताछ में मिश्रा ने अपना जुर्म स्वाकार किया है। धारा 3,4,5,9,ऑफिशियल सिक्रेट एक्ट, 121A आईपीसी, 66D IT एक्ट का अपराध बनता है। इसे लखनऊ में बुधवार को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और रिमांड पर लिया जाएगा।

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