अपने ही पुराने बयान को लेकर घिरे स्वामी प्रसाद मौर्या
भाजपा के स्वामी प्रसाद मौर्या को अपने ही पुराने बयानों के चलते विरोधियों के निशाने पर, बयानों का पर्चा उनके संसदीय क्षेत्र में बांटा गया।
लखनऊ। बसपा के लिए कभी स्वामी प्रसाद मौर्या बड़े नेता थे और उत्तर प्रदेश में पार्टी के लिए अहम भूमिका निभाते थे, लेकिन इस बार उन्होंने लंबे समय के बाद भाजपा का दामन थाम लिया है और वह दलित वोटों के समीकरण को भाजपा के पक्ष में साधने की अहम भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन एक बार फिर से उनका पहले हिंदु मूर्तियों को दिए गए विवादित बयान ने उनके लिए मुश्किल खड़ी करनी शुरु कर दी है। भाजपा और संघ हिंदुत्व की पार्टी के तौर पर देखी जाती है, ऐस में स्वामी प्रसाद मौर्या के लिए इस विवाद से बाहर निकलना बड़ी चुनौती है।

मौर्या का पुराना बयान बना मुसीबत
स्वामी प्रसाद मौर्या के संसदीय क्षेत्र कुशीनगर के पदरौना में उनके दिए गए विवादित बयान का पैंफलेट लोगों के बीच बांटा जा रहा है, जिसे हिंदू जागरण मंच, की ओर से बांटा जा रहा है। मौर्या ने बसपा में रहने के दौरान कहा था कि ब्राह्मण मनुवादी सोच के हैं, ऐसे में इंसानों में में उनकी कोई जगह नहीं है। मौर्या के इस बयान का सपा और कांग्रेस पूरा फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।

अपने ही लोग कर रहे हैं मौर्या के खिलाफ षड़यंत्र
हिंदू युवा वाहिनी के एक गुट भी मौर्या के खिलाफ उनके बयान को लोगों के बीच फैला रही है, हिंदू युवा वाहिनी जोकि मुख्य रूप से गोरखपुर में पैठ रखती है जहां भाजपा के सांसद योगी आदित्यनाथ की तूती बोलती है। हालांकि योगी आदित्यनाथ ने पहले ही युवा वाहिनि के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह को निष्कासित कर दिया है। इन लोगों के अलावा कुछ और बागी नेता भी हैं जो मौर्या के लिए मुश्किल खड़ी कर रहे हैं जिसमें छह बार पदरौना से सांसद रहे राम नगीना मिश्री के बेटे परशुराम मिश्रा भी शामिल हैं।

हिंदू जागरण मंच ने किया इनकार
हिंदू जागरण मंच के प्रांत संयोजक राजा त्रिपाठी कहते हैं कि अभी तक जिन लोगों ने पर्चे बांटे हैं उनके बारे में पता नहीं लग सका है। हमने इसके खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज करा दी है, जिसने हमारे संगठन को बदनाम करने की कोशिश की है। लेकिन जागरण मंच के सूत्रों की मानें तो पदरौना से आरएसएस कार्यकर्ता और जिला प्रभारी संजय जयसवाल यहां से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन मौर्या के भाजपा में शामिल होने के बाद भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया, ऐसे में उन्ही के इशारों पर यह पर्चे लोगों में बांटे गए हैं।

मंच को बदनाम करने के लिए किया गया
राजा त्रिपाठी का कहना है कि अगर कोई टिकट नहीं मिलने की वजह से नाराज है और इसके लिए गलत रास्ते अपना रहा है तो हम उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कुछ लोगों ने जिला अध्यक्ष आशुतोष रिशी श्रीवास्तव को बदनाम करने के लिए किया है। जो पर्चे मौर्या के खिलाफ बांटे गए हैं उससे पहले ही मंच नकार चुका है और इसके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज करा दी है।












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