गोरखपुर और फूलपुर में हार के बाद इस चुनाव में बीजेपी को मिली जीत
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश उपचुनाव (गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट) के नतीजों के बाद से भाजपा में निराशा का माहौल है। लेकिन गाजियाबाद से आई एक खबर ने पार्टी को खुश होने का मौका दिया है। जी हां गाजियाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव भाजपा नेता पवन मावी की पत्नी लक्ष्मी मावी ने र्निविरोध जीत लिया है। आपको बता दें कि जिला पंचायत अध्यक्ष नामांकन के बाद आज नाम वापस लेने अंतिम दिन था। नामांकन के दिन केवल भाजपा नेता पवन मावी की पत्नी लक्ष्मी मावी ने एक मात्र नामांकन किया था उसी दिन लक्ष्मी मावी का निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनना लगभग तय हो गया था। लेकिन आज नामांकन वापसी के अंतिम दिन शाम को जिला अधिकारी ने लक्ष्मी मावी को जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रमाण पत्र सौंप दिया।

क्या कहा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने
जीत के इस मौके पर जनता को संबोधित करते हुए विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा लक्ष्मी मावी ने जिला पंचायत अध्यक्ष बनकर विपक्ष को आइना दिखाया है। लक्ष्मी मावी ने समाजवादी पार्टी से पद छीन कर भाजपा की झोली में डाल भाजपा का परचम लहराया है और आज से सपा बसपा के गठबंधन की उल्टी गिनती शुरु हो गई है।

सपा-बसपा गठबंधन का 2019 में सूपड़ा साफ
उन्होंने कहा कि 2019 के चुनाव में इस गठबंधन का उत्तर प्रदेश से सूपड़ा साफ हो जाएगा। इस अवसर पर बृजपाल तेवतिया ने कहां पूर्व अध्यक्ष के समय में क्षेत्र का विकास रुका हुआ था लक्ष्मी मावी के अध्यक्ष बनने से क्षेत्र में चौमुखी विकास होगा तथा यह सभी वर्गों को एक साथ लेकर चलेंगे।

बीजेपी की खास रणनीति
लक्ष्मी के निर्विरोध चुनाव को बीजेपी की खास रणनीति बताई जा रही है। जिलाध्यक्ष बसंत त्यागी के अनुसार चुनाव में दो लोगों के बीच खींचतान होने पर लखनऊ में बैठे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय ने कमान संभाल ली। इसी का नतीजा रहा कि मैदान में लक्ष्मी मावी के सामने कोई नहीं रहा। नामांकन फॉर्म लेने के बाद भी बीजेपी के अनिल कसाना ने फॉर्म जमा नहीं किया।












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