यूपी में जीत के बाद भाजपा का बड़ा फैसला, 6 महीनों के लिए पार्टी के दरवाजे बंद
यूपी चुनाव में प्रचंड जीत के बाद भाजपा का बड़ा फैसला, अगले छह महीनों तक के लिए दूसरे दलों के नेताओं के लिए बंद किए पार्टी के दरवाजे
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में प्रचंड जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी अपनी नीति में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने अगले छह महीनों के लिए दूसरे दलों से भाजपा में शामिल होने की इच्छा रखने वालों के लिए दरवाजा बंद कर दिया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने साफ किया है कि तमाम दिला और स्थानीय निकाय किसी भी दूसरे दल के नेता को भाजपा में शामिल नहीं करें।

भाजपा में आने की लगी होड़
पार्टी के सूत्रों की मानें तो कई दलों के नेता भाजपा के राष्ट्रीय और राज्य की इकाइयों से उन्हें पार्टी में शामिल करने की गुहार लगा रहे हैं लेकिन लेकिन उन्हें निराश होना पड़ रहा है। जो लोग भाजपा में शामिल होना चाहते हैं उनसे में अधिककर जिला पंचायत के प्रमुख, ब्लॉक प्रमुख, नगर पंचायतों के मुखिया व अन्य निकायों के अध्यक्ष हैं। जिस तरह से यूपी में अन्य दलों को हार का मुंह देखना पड़ा है उसके बाद तमाम नेताओं ने भाजपा में आने की होड़ लगी है।

सदस्यता अभियान पर नहीं रोक
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता चंद्र मोहन का कहना है कि अगले आदेश तक पार्टी के भीतर दूसरे दलों के नेताओं की एंट्री पर रोक है। उन्होंने कहा कि जो भी आम जन भाजपा में शामिल होना चाहते हैं वह पार्टी के सदस्यता अभियान के लिए जारी किए गए टोल फ्री नंबर पर मिस कॉल करे उसे पार्टी की सदस्यता मिल जाएगी, लेकिन दूसरे दलों के नेताओं को अभी पार्टी में जगह नहीं दी जाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता ने बताया कि यूपी में चुनाव नतजे आने के बाद दूसरे दल के कई नेता भाजपा में शामिल होने के लिए फोन कर रहे हैं लेकिन यह वह लोग हैं जो सत्ता का लाभ उठाना चाहते हैं और ये लोग अवसरवादी लोग हैं।

निकाय चुनावों के लिए लगी पाबंदी
भाजपा के एक अन्य नेता का कहना है कि कई ऐसे नेता भी हैं जो आगामी निकाय चुनाव से पहले वह भाजपा में शामिल होना चाहते हैं जिससे कि उन्हें चुनावों में लाभ हो सके, इस वर्ष जून-जुलाई में चुनाव होना है। नेता सपा, बसपा और कांग्रेस में जाने की बजाए भाजपा में शामिल होना चाहते हैं, इसमें तमाम दलों के नेता हैं जो आगामी चुनाव भाजपा के टिकट से लड़ना चाहते हैं ताकि उन्हें चुनावों में इसका लाभ हो।

पार्टी की छवि से समझौता नहीं
भाजपा के नेता का कहना है कि अगर हम पार्टी के भीतर इस वक्त निकाय चुनावों से पहले उन्हें एंट्री देते हैं तो इसका लोगों के बीच गलत संदेश जाएगा, विपक्षी दलों के नेताओं को भाजपा में शामिल किए जाने का पार्टी की छवि खराब होग। लोगों ने इन विपक्षी दलों के खिलाफ ही हमें वोट दिया है, ऐसे में अगर इन्हें पार्टी में शामिल किया जाता है तो पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरेगा।












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