पत्नियों से परेशान पुरुषों के लिए यूपी के बीजेपी सांसद ने की पुरुष आयोग बनाने की मांग
हरदोई। भाजपा सांसद अंशुल वर्मा महिला आयोग की तर्ज पर पुरुष आयोग बनाने की मांग को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में है। सांसद ने मांग की है कि पत्नियों द्वारा प्रताड़ित पतियों को अपनी बात कहने का एक प्लैटफॉर्म मिलना चाहिए। ऐसे कई पुरुष हैं जो अपनी पत्नियों के हाथों प्रताड़ित होते हैं, लेकिन शिकायत के लिए उनके पास कोई प्लैटफॉर्म नहीं है।

पुरूष आयोग की मांग उठाकर आए चर्चाओं में
पुरुष आयोग के गठन की मांग सदन में उठाने को लेकर चर्चाओं में बीजेपी सांसद अंशुल वर्मा को कई और सांसदों का समर्थन भी मिला है। सांसद अंशुल वर्मा का कहना है किस सिर्फ पुरुष आयोग का गठन कराना ही उनकी प्राथमिकता नहीं है बल्कि धारा 498 (ए) जिसमें दहेज उत्पीड़न आता है उसमें भी संशोधन की आवश्यकता है। जिसके संशोधन को लेकर वह एड़ी चोटी का जोर लगा देंगे।

बेगुनहा सलाखों के पीछे जिंदगी गुजारने को मजबूर
अंशुल वर्मा ने बताया कि लाखों पुरुष जिनमें नाबालिक बच्चे भी शामिल है दहेज उत्पीड़न की जद में आ कर जेल की सलाखों के पीछे जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। सांसद ने साफ किया ऐसा नहीं है कि जेल में दहेज उत्पीड़न की सजा काट रहे सारे ही लोग निर्दोष हैं लेकिन ऐसा भी बिल्कुल नहीं है कि सारे दोषी ही हैं। बीजेपी सांसद अंशुल वर्मा ने सरकार की पैरवी करते हुए कहा कि कि लाखों लोगों का यह आंकड़ा सिर्फ उनकी सरकार का नहीं है बल्कि सन 1998 से अब तक लाखों लोग जेल की सलाखों के पीछे जिंदगी गुजारने पर मजबूर हैं।

23 सितंबर को होगी रैली
हरिनारायण राजभर को हरदोई से भाजपा सांसद अंशुल वर्मा का साथ मिला है। दोनों ने इस मांग लेकर 23 सिंतबर को एक रैली का भी आयोजन किया है। राजभर और वर्मा इस मुद्दे को संसग में भी उठाने की तैयारी कर रहे हैं। राजभर तो इस मुद्दे को एक बार संसद में उठा भी चुके हैं। उन्होंने कुछ वक्त पहले लोकसभा में शून्यकाल के दौरान पुरुष आयोग के गठन की मांग की थी। हालांकि शून्यकाल के दौरान राजभर ने जैसी ही इस मांग को उठाया था, पूरा सदन हंस पड़ा था।












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