फूलपुर उपचुनाव: क्या साइकल छोड़ कमल से चुनाव लड़ेंगीं मुलायम की छोटी बहू?
इलाहाबाद। फूलपुर के सांसद रहे केशव मौर्य के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर अब उपचुनाव के लिए इतने नाम भाजपा के सामने आ गए हैं कि वह खुद फैसला नहीं कर पा रही कि आखिर प्रत्याशी किसे बनाया जाए। भाजपा के लिए समस्या बढ़ती ही जा रही है क्योंकि उसके दावेदारों की लिस्ट और बागियों के नाम बढ़ते ही जा रहे है। पर अब पार्टी की ओर से इस सीट पर महिला प्रत्याशी उतारे जाने की खबर है। केशव के समर्थक व एक बडा केशव मौर्य की पत्नी राजकुमारी मौर्या को टिकट देने जाने का समर्थन कर रहा है, लेकिन खुद केशव मौर्य वंशवाद की राजनीति का विरोध पर बयान दे चुके हैं कि उनके परिवार से कोई उप चुनाव नहीं लड़ेगा। सबसे चौंकाने वाला नाम सपा नेता व मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव का है जिन्हें भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने की सुगबुगाहट चल रही है।

भाजपा अपर्णा यादव पर लगा सकती है दांव
बता दें कि पिछले 1 साल से सोशल मीडिया और अखबारों में मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अर्पणा यादव के भाजपा उम्मीदवार बनने की चर्चा चल रही थी उस चर्चा को एक बार फिर से हवा मिल गई है और सोशल मीडिया पर अपर्णा यादव को भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने की खबर हिट हो रही है । पिछले साल तो अपर्णा को फूलपुर से भाजपा प्रत्याशी बनाये जाने को लेकर राष्ट्रीय मीडिया ने भी खबरे उठायी थी। तब केशव मौर्य ने कोई जवाब न देकर सही समय आने का इंतजार करने को कहा था।

केसरी देवी पटेल भी सशक्त उम्मीदवार
भाजपा की ओर से तीसरी महिला कैंडिडेट के नाम पर सबसे सशक्त प्रत्याशी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केसरी देवी पटेल का नाम सामने आया है । केसरी देवी पटेल कुछ समय पहले ही बसपा छोड़कर अपने लाव लश्कर के साथ भगवा दल में आई है। इन्होने कई बार जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर कब्जा किया और उनकी राजनैतिक समझ के आगे बड़े-बड़े नेता पानी मांगते नजर आए है।

आज हो सकती है भाजपा प्रत्याशियों के नामों की घोषणा
कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी तय कर दिया है और सपा भी आज अपने पत्ते खोल देगी। ऐसे में भाजपा के लिए अब अपना कैंडिडेट घोषित करना टेढ़ी खीर ही होगा। फिलहाल आज स्वास्थ्य मंत्री और सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह इलाहाबाद पहुंच रहे हैं। वह पार्टी के पदाधिकारियों व नेताओं से दावेदारों के नाम पर आखिरी चर्चा करेंगे। संभावना जताई जा रही है कि सिद्धार्थ नाथ सिंह ही आज नामों की घोषणा कर सकते हैं।

महिला वोट पर नजर
फिलहाल महिला प्रत्याशी उतारे जाने पर भाजपा महिला वोट बैंक को साधने का प्रयास कर रही है। क्योंकि इस सीट पर एक लंबे अंतराल से कोई भी महिला प्रत्याशी मैदान में नहीं उतरी है। विजयलक्ष्मी पंडित के बाद इस सीट पर पुरुष प्रत्याशियों ने ही सांसद बनने का गौरव हासिल किया है । ऐसे में राजनीति कहती है महिला कार्ड से भाजपा सटीक निशाना लगा रही सै। वैसे भी पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं लगातार अधिक संख्या में मतदान कर रही हैं और महिला प्रतिनिधित्व को लेकर यह एक पहल व रणनीति का हिस्सा साबित हो सकती है।दरअसल भाजपा अपनी महिला सशक्तिकरण वाले संदेश को भुनाने का प्रयास यहां करेगी। भाजपा दूर की कौड़ी खेलना चाहती है और सब अपने लिए जीत की संभावनाओं को बढ़ाना चाहती है। वैसे भी अभी तक हर दलों के बीच चल रही बड़ा लड़ाई में भाजपा ही सबसे आगे नजर आ रही है, लेकिन प्रत्याशी घोषित होने के बाद क्या स्थितियां होंगी यह देखना दिलचस्प होगा।












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