शित्रामित्रों को लेकर यूपी कैबिनेट की बैठक में लिया गया बड़ा फैसला
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के 25 जुलाई 2017 को शिक्षामित्रों का सहायक शिक्षक के पद पर समायोजन रद्द कर देने के फैसले के बाद प्रदर्शन कर रहे Shiksha Mitra को लेकर उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने अहम फैसले किए हैं। जिसमें भारांक का लाभ देने समेत कई अहम फैसले हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि टीईटी पास करने के बाद ही उन्हें भर्ती का मौका दिया जाएगा। इसके बाद से लगातार प्रदेश में शिक्षामित्र विरोध कर रहे हैं। योगी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये करने की बात कही, लेकिन शिक्षामित्रों ने इसे ठुकरा दिया।


यूपी कैबिनेट के अहम फैसले-
- Shiksha Mitra को मिलेगा भारांक का लाभ, कैबिनेट ने दी प्रस्ताव को मंजूरी।
- स्थायी नियुक्ति में शिक्षामित्रों को वेटेज के रूप में मिलेगा भारांक।
- शिक्षामित्रों को अधिकतम दस साल के लिए 25 नंबर मिल सकेंगे।
- शिक्षामित्रों को हर साल के अनुभव के आधार पर ढाई नंबर मिलेंगे।
- सहायक अध्यापक की नियुक्ति में वेटेज देने के प्रस्ताव को मंजूरी।
- बेसिक शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर योगी कैबिनेट की मुहर।
- खादी ग्रामोद्योग के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी।

दिल्ली में भी किया प्रदर्शन
11 सितंबर से 15 सितंबर तक यूपी के Shiksha Mitra ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया था। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से शिक्षामित्रों की मुलाकात से भी कुछ हल नहीं निकला था। यहां एक लाख 60 हजार शिक्षामित्रों ने गिरफ्तारी भी दी थी।

ये है शिक्षामित्रों की मांग
प्रदर्शन कर रहे Shiksha Mitra की मांग है कि राज्य सरकार समायोजन पर विचार करे। इनकी मांग है कि या तो समान मानदेय की बात मानी जाए या फिर टीईटी में 60 के बजाय 45 प्रतिशत अंक रखा जाए। प्रदेश में शिक्षामित्र लगातार प्रदर्शन पर हैं।
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