यूपी चुनाव से पहले अल्पसंख्यकों को पार्टी से जोड़ेगी कांग्रेस, 16 सूत्रीय एजेंडे को लेकर चलाया जाएगा अभियान
लखनऊ, 7 सितम्बर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सारी पार्टियां अल्पसंख्यकों पर ही फोकस कर रही हैं। बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के बाद अब कांग्रेस के अल्पसंख्यक मोर्चा ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी ने तय किया है कि संगठन को और मजबूत बनाने के लिए अल्पसंख्यकों के बीच एक अभियान चलाया जाएगा और जो लोग नाराज होकर चले गए हैं उन्हें पार्टी में दोबारा लाने की कोशिश की जाएगी। कांग्रेस के सूत्रों की माने तो जिला स्तर पर होने वाली अल्पसंख्यक विभाग की बैठकों में भी 16 सूत्रीय एजेंडें पर चर्चा की जाएगी और उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के घोषणा पत्र में इन सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि पिछले दो वर्षों में कांग्रेस संगठन की संरचना को मजबूत किया गया है और वह अल्पसंख्यकों को पार्टी में वापस लाने के लिए घर-घर जाएंगे। दरअसल, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी और यूपीसीसी अल्पसंख्यक विभाग के प्रमुख शाह नवाज आलम यहां यूपीसीसी मुख्यालय में एक बैठक में शामिल हुए थे जिसमें इस 16 सूत्रीय एजेडे पर चर्चा हुई।
शाह आलम ने कहा,
"हम जिला स्तर पर होने वाली अल्पसंख्यक विभाग की बैठकों में 16 सूत्री प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे और उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के घोषणा पत्र में सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।''
सत्ता में आने पर मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून बनाने का वादा
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग ने समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए दंगों की न्यायिक जांच का वादा करते हुए एक 16-सूत्रीय प्रस्ताव पारित किया था, जिससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी 2022 के विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने के लिए तैयार हो रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के प्रस्ताव में भी राजस्थान सरकार द्वारा पारित विधेयक की तर्ज पर मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून बनाने का वादा किया गया है। इसमें कहा गया है कि सत्ता में आने पर पार्टी राज्य विधानमंडल में एक विधेयक पारित करवाएगी और उसे मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजेगी।

16 सूत्रीय प्रस्ताव में इन मुद्दों को शामिल किया गया है
दंगों की जांच और मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून के वादे के अलावा, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रस्ताव में सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान बंद किए गए टेनरियों को खोलने, सीएए-एनआरसी (नागरिकता संशोधन अधिनियम-राष्ट्रीय रजिस्टर) के खिलाफ आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने का भी वादा किया गया है। पिछले 30 वर्षों में वक्फ संपत्तियों में अनियमितताओं की जांच, मनमोहन सिंह सरकार द्वारा घोषित अल्पसंख्यकों के लिए 2350 करोड़ के पैकेज का कार्यान्वयन, अल्पसंख्यकों के छात्रों के लिए मौलाना आजाद छात्रावास, कानपुर में 1992 के दंगों में माथुर आयोग की रिपोर्ट का कार्यान्वयन और ऐसे निर्दोष व्यक्तियों को मुआवजा, जिनके खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा गाय संरक्षण कानून के तहत मामलों को खारिज कर दिया गया है।

प्रियंका ने दिए थे गठबंधन के संकेत, सपा ने कहा- कांग्रेस यूपी में कहीं नहीं
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मीडियाकर्मियों के साथ अनौपचारिक बातचीत में हाल ही में संकेत दिया था कि उनकी पार्टी 2022 के विधानसभा चुनावों में गठबंधन के लिए तैयार है। कांग्रेस प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा है कि उनकी पार्टी केवल छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन करेगी। हालांक उधर, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी घोषणा की है कि 2022 के चुनावों में सपा केवल छोटे दलों के साथ हाथ मिलाएगी। सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा, "कांग्रेस कहीं नहीं है और उत्तर प्रदेश में 2022 के चुनाव में सपा सत्ता में आने वाली है।"












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