Banke Bihari Temple में भक्तों की सहूलियत हेतु दर्शन समय और सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, जानें अपडेट
Banke Bihari Temple: वृंदावन स्थित श्री ठाकुर बांके बिहारी मंदिर को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मंदिर प्रबंधन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए दर्शन व्यवस्था से लेकर सुरक्षा तक नई रूपरेखा बनाई है।
बैठक में यह तय हुआ कि अब भक्त अधिक समय तक ठाकुर जी के दर्शन कर पाएंगे। गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों के लिए नए समय तय किए गए हैं। साथ ही मंदिर में लाइव दर्शन की सुविधा शुरू करने पर भी मंदिर प्रबंधन समिति की सहमति बनी है।

सबसे अहम फैसला यह लिया गया कि वीआईपी पर्ची की व्यवस्था को अब बंद कर दिया जाएगा। प्रबंधन का मानना है कि इससे सभी भक्तों को दर्शन का समान अवसर मिलेगा। अब किसी को विशेष पर्ची के आधार पर आगे बढ़ने की सुविधा नहीं होगी।
दर्शन का यह है नया शेड्यूल
गर्मियों में सुबह 7:15 से दोपहर 12:30 तक और शाम 4:15 से रात 9:30 तक भक्त दर्शन कर सकेंगे। वहीं सर्दियों में सुबह 8:15 से दोपहर 1:30 तक और शाम 4 से रात 9 बजे तक मंदिर खुलेगा। आरती के समय द्वार बंद रहेंगे।
भीड़ नियंत्रण को लेकर भी सख्त कदम उठाए गए हैं। प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार निर्धारित किए जाएंगे। प्रवेश द्वार से केवल एंट्री होगी जबकि बाहर निकलने के लिए अलग गेट इस्तेमाल किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा
मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों और निजी सुरक्षा गार्डों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। किसी कर्मचारी को अपनी ड्यूटी छोड़कर अन्यत्र जाने की अनुमति नहीं होगी। आदेश उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी में बदलाव का प्रस्ताव भी सामने आया है। समिति चाहती है कि रिटायर्ड सैनिकों या अनुभवी सुरक्षा गार्डों को जिम्मेदारी दी जाए। इससे भक्तों की सुरक्षा और भी मजबूत की जा सकेगी।
IIT रुड़की से कराया जाएगा आंतरिक ऑडिट
समिति ने यह भी तय किया कि मंदिर की संपत्ति का पूरा ब्यौरा तैयार किया जाए। चल-अचल संपत्ति की सूची 15 दिनों में पेश करनी होगी। इसके साथ ही वर्ष 2013 से 2016 तक के विशेष ऑडिट की मांग भी रखी गई है।
मंदिर भवन की संरचना को सुरक्षित रखने के लिए IIT रुड़की से आंतरिक ऑडिट कराया जाएगा। विशेषज्ञों की टीम मंदिर की मजबूती और संरचनात्मक स्थिति का आकलन करेगी। यह ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है।
बंद कमरों को खोलने की भी बनी योजना
गर्भगृह के पास स्थित बंद कमरों को खोलने की भी योजना बनी है। इसके लिए एक विशेष समिति गठित की गई है, जिसमें ऑडिटर, सिविल जज, ACM और गोस्वामी समाज के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
कमरे खोलने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई जाएगी और उसमें रखी वस्तुओं की इन्वेंटरी तैयार कर समिति को सौंपी जाएगी। संयुक्त हस्ताक्षर के साथ यह रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।












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