Baghpat Double Murder: बागपत में टेंट कारोबारी पिता-पुत्र पर दिनदहाड़े हत्या, क्या है खूनी सच?
UP, Baghpat Double Murder: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत कस्बे में मंगलवार(9 जून) शाम करीब 6 बजे एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के किनारे स्थित दिल्ली बस स्टैंड के पास अपनी दुकान पर बैठे टेंट कारोबारी सोहनलाल अग्रवाल (55) और उनके इकलौते बेटे विकास अग्रवाल (30) पर बदमाशों ने गोलीबारी कर दी। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
पुलिस के अनुसार, यह घटना पुरानी रंजिश का नतीजा लग रही है, जिसमें स्थानीय हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी (लोहारी) का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया, व्यापारियों ने हाईवे जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और बाजार बंद कर दिए गए। भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

Baghpat Double Murder Reason: क्या हुआ ठीक 6 बजे?
सूचना मिलते ही बड़ौत पुलिस पहुंची। पीड़ितों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, फिर जिला अस्पताल रेफर किया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गोलीबारी में एक राहगीर रोहित भी घायल हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के मुताबिक, दो बाइक्स पर सवार 3-4 बदमाश दुकान पर पहुंचे और बिना किसी बातचीत के ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। सीसीटीवी फुटेज में यह साफ नजर आ रहा है कि हमला बेहद सुनियोजित था। फायरिंग के बाद बदमाश भागने लगे, लेकिन गुस्साई भीड़ ने एक हमलावर को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की। पुलिस ने उसे बचाकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
बागपत के पुलिस अधीक्षक सूरज राय ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पुरानी रंजिश से जुड़ी घटना है। 2015-2016 के आसपास सोहनलाल और वरुण लुहारी के बीच उधार सामान, रंगदारी और अन्य विवाद को लेकर मामला दर्ज हुआ था। उसी पुरानी दुश्मनी का यह खूनी बदला माना जा रहा है।
Baghpat Crime News: पीड़ित परिवार, सामान्य व्यापारी या निशाना?
सोहनलाल अग्रवाल बड़ौत के जाने-माने टेंट व्यवसायी थे। वे कंफेक्शनरी स्टोर भी चलाते थे। उनका परिवार बस स्टैंड के पास ही रहता था। पत्नी ऊषा (48), बेटा विकास (जिसकी छह महीने पहले शादी हुई थी और पत्नी नेहा प्रेग्नेंट है), पूरा परिवार कारोबार में लगा हुआ था। विकास पिता का हाथ बंटाता था और परिवार की इकलौती संतान था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सोहनलाल शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और इलाके में उनकी अच्छी पहचान थी। विकास की हालिया शादी परिवार के लिए खुशी का मौका थी, लेकिन एक पल में सब कुछ खत्म हो गया। परिवार अब सवाल पूछ रहा है। इतने साल बाद पुरानी रंजिश क्यों भड़की? क्या रंगदारी मांगने से इनकार का यह नतीजा था?
Who Is Varun Luhari: आरोपी वरुण लुहारी कौन है? हिस्ट्रीशीटर का बैकग्राउंड
वरुण लुहारी (लोहारी) बड़ौत का रहने वाला है और पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर (History-Sheeter)के रूप में दर्ज है। उसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। पुलिस को आशंका है कि वरुण ने अपने साथियों के साथ मिलकर यह हमला किया।
घटना के बाद वरुण के घायल होने की खबरें भी आई हैं। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। एसपी सूरज राय ने कहा कि परिवार की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है, शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है और 10 टीमें आरोपी को पकड़ने में लगी हैं। CCTV, गवाहों के बयान और फॉरेंसिक सबूत जुटाए जा रहे हैं।
Baghpat-Baraut Crime Record:बागपत-बड़ौत का अपराधीकरण, एक बड़ा सवाल
बागपत जिला दिल्ली के करीब होने के कारण व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र है, लेकिन छोटे-मोटे विवादों को लेकर हिंसा की घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं। टेंट-कंफेक्शनरी जैसे व्यवसाय में उधार-लेनदेन आम है, जो अक्सर रंजिश में बदल जाता है। रंगदारी, जमीन विवाद और पुराने मुकदमे क्षेत्र में अपराध की जड़ माने जाते हैं।
यह घटना सिर्फ एक डबल मर्डर नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की चुनौती है। दिनदहाड़े बस स्टैंड के पास, पुलिस चौकी से महज 50 मीटर की दूरी पर ऐसी घटना होना गंभीर सवाल खड़ा करता है। व्यापारियों का कहना है कि अगर छोटे कारोबारियों की सुरक्षा नहीं होगी तो निवेश और रोजगार कैसे बढ़ेगा?
घटना के बाद का माहौल
घटना की सूचना फैलते ही व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने हाईवे जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। बाजार बंद रहे। स्थानीय नेताओं और व्यापार संघों ने पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की। मेरठ जोन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है। विकास की गर्भवती पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरा इलाका सदमे में है।
Baghpat Police की रणनीति और आगे क्या?
- 10 टीमें गठित, वरुण लुहारी गैंग के सदस्यों की तलाश।
- CCTV फुटेज और फॉरेंसिक जांच।
- आसपास के इलाकों में नाकाबंदी।
- अन्य गवाहों से पूछताछ।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। लेकिन व्यापारी समुदाय मांग कर रहा है कि न सिर्फ आरोपी, बल्कि पूरे गिरोह पर सख्त कार्रवाई हो।
हिंसा का चक्र तोड़ना होगा
यह घटना केवल एक परिवार की ट्रेजेडी नहीं है। यह छोटे व्यापारियों के सामने मौजूद खतरे का प्रतीक है। पुरानी रंजिशों को लेकर हत्याएं, रंगदारी और गोलीबारी, अगर समय रहते इन पर अंकुश नहीं लगा तो विकासशील क्षेत्रों में निवेश प्रभावित होगा।
प्रशासन को न सिर्फ इस मामले को सुलझाना है, बल्कि पूरे जिले में अपराध नियंत्रण की ठोस रणनीति बनानी होगी। ताकि कोई सोहनलाल या विकास फिर से निशाना न बने। परिवार न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है। पूरा बड़ौत शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद लगाए बैठा है।













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