बाबरी विध्वंस: आडवाणी, उमा और जोशी को 30 मई को अदालत में हाजिर होने का आदेश
इस मामले में फिलहाल कल्याण सिंह पर मामला दर्ज नहीं किया गया है क्योंकि वो राजस्थान के राज्यपाल हैं। ऐसे में वो जब तक अपने पद पर रहेंगे उन पर मामला दर्ज नहीं किया जा सकेगा।
लखनऊ। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की स्पेशल कोर्ट ने कहा है कि उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या मे बाबरी विध्वंस के मामले में जिन लोगों पर साजिश का मुकदमा चलाया जाना है वो सभी आरोपी 30 मई को कोर्ट के समक्ष हाजिर हों।
सीबीआई की स्पेशल अदालत ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के नेता लाल कृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री उमा भारती और मुरली मनोहर जोशी 30 मई को अदालत के समक्ष हाजिर हों।

इससे पहले 20 मई को राम विलास वेदांती, चंपत राय , बीएल शर्मा , महंत नृत्य गोपाल दास और धर्मदास शनिवार को सीबीआई की अदालत आत्मसमर्पण करने पहुंचे जिन्हें जमानत दे दी गई थी।
वहीं 19 अप्रैल को बाबरी विध्वंस मामले में उसे ढहाने की साजिश में भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और कल्याण सिंह समेत 13 नेताओं पर साजिश का मुकदमा चलाए जाने को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी थी।
कल्याण सिंह पर नहीं दर्ज होगा केस
सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ आपराधिक साजिश का केस चलाने की अपील की थी। 25 साल पुराने इस मामले में इससे पहले 7 अप्रैल को कोर्ट ने मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में फिलहाल कल्याण सिंह को शामिल नहीं किया है। इस केस में सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि जब तक इस मामले के आरोपी कल्याण सिंह राजस्थान के गवर्नर के पद पर हैं, तब तक उन पर कोई केस दर्ज नहीं किया जाएगा। इस केस का ट्रायल दो सालों में पूरा किए जाना तय किया गया है।
ये हैं आरोपी
आडवाणी (89), जोशी (83) और भारती (57) के अलावा चप्पत राय बंसल, सतीश प्रधान, धरम दास, महंत नृत्य गोपाल दास, महामद्लेश्वर जगदीश मुनी, राम बिलास वादनती, वैकुंठ लाल शर्मा और सतीश चंद्र नगर मामले में आरोपी हैं। हालांकि इस मामले में कुछ ऐसे आरोपी भी हैं जिनका निधन हो चुका है। इसमें बाल ठाकरे, गिरिराज किशोर, अशोक सिंघल और परमहंस राम चंद्र दास शामिल हैं।












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