जेल से छूटने के बाद भी कम नहीं होंगी आजम की मुश्किलें, जानिए वक्फ बोर्ड ने क्यों उठाया ये बड़ा कदम

लखनऊ, 5 अप्रैल: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान का मुद्दा काफी गरमाया हुआ था। समाजवादी पार्टी ने आजम को रामपुर से विधानसभा से टिकट भी दिया था और वह जीत भी गए थे लेकिन अभी वह जेल में ही हैं। लेकिन चुनाव बीतने के बाद भी आजम के लिए अच्छी खबरें नहीं आ रही हैं। अब यूपी के शिया वक्फ बोर्ड की नजरें आजम पर टेढ़ी हो गई हैं। बताया जा रहा है कि रामपुर में कम से कम सात सम्पत्तियों पर सपा नेता आजम का कथिततौर पर कब्जा था जिसको लेकर शिकायत मिलने के बाद जांच की गई थी। जांच के बाद इन सम्पत्तियों का कार्यवाहक शाही परिवार को बनाया गया है।

आजम खान

शिया वक्फ बोर्ड की 7 सम्पत्तियों पर था आजम का कब्जा

यूपी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने रामपुर में कम से कम सात वक्फ संपत्तियों पर कब्जा कर लिया है, जिन पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने कथित तौर पर कब्जा कर लिया था और उन्हें रामपुर के तत्कालीन शाही परिवार को सौंप दिया था। शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अली जैदी,"ऐसे आरोप थे कि आजम खान ने रामपुर में कई वक्फ संपत्तियों का अतिक्रमण किया था और अपने लोगों को संपत्तियों की संरक्षकता वितरित की थी। रामपुर में कम से कम सात ऐसी संपत्तियां, जिनकी कीमत सैकड़ों करोड़ है, रामपुर नवाब के परिवार के परिवार को वापस कर दी गई है।"

आजम से कब्जा लेकर शाही परिवार के सदस्य को बनाया कार्यवाहक

शिया वक्फ बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि ऐसे आरोप भी थे कि इन संपत्तियों पर काम करने वाले लोगों को पिछले 13 महीनों से वेतन नहीं मिला था। शाही परिवार की बेगम नूरबानो के पोते हैदर अली खान उर्फ ​​हमजा मियां को कार्यवाहक बनाया गया है। खान हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में रामपुर से विधायक चुने गए थे। जमीन हड़पने के कई मामलों में वह इस समय सीतापुर जेल में बंद है। रामपुर पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 2017 में राज्य में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से आजम खान के खिलाफ 81 मामले दर्ज किए गए हैं।

आजम

तीन दशकों से आमने सामने है आजम और शाही परिवार

दरअसल, रामपुर का पूर्व शाही परिवार आजम खान का पुराना प्रतिद्वंद्वी है; और दोनों परिवार दशकों से आमने-सामने हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में दोनों परिवारों के बीच चुनावी मुकाबला था। पूर्व शाही परिवार के वंशज काज़िम अली खान ने कांग्रेस के टिकट पर रामपुर में आजम को टक्कर दी, जबकि उनके 30 वर्षीय बेटे हैदर अली खान को भाजपा के सहयोगी अपना दल (एस) द्वारा स्वार में आजम के बेटे अब्दुल्ला के खिलाफ खड़ा किया गया था। आजम और उनके बेटे अब्दुल्ला दोनों ने आराम से चुनाव जीत लिया।

अवैध कब्जे की शिकायतों पर हुई जांच तो खुला मामला

वक्फ बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि 2012 में सपा सरकार के गठन के बाद, कई वक्फ संपत्तियों पर कथित तौर पर आजम खान द्वारा "अतिक्रमण" किया गया था, जो उस समय वक्फ मंत्री थे। पिछले नवंबर में शिया वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन के बाद, वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे की शिकायतों की जांच की गई थी। अधिकारी ने कहा कि आजम खान जांच के दौरान 'संतोषजनक जवाब' नहीं दे सके। "वक्फ संपत्ति अधिनियम के नियमों के अनुसार कार्रवाई की गई है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+