Ayodhya Ramleela: इस साल अयोध्या में क्यों नहीं होगा रावण दहन, प्रशासन की वजह सुनकर श्रद्धालु भी हैं मायूस
Ayodhya Ramleela: अयोध्या में इस बार फिल्मी सितारों की रामलीला का आयोजन दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। लेकिन रावण दहन को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। सुरक्षा कारणों और आयोजन के गैर पारंपरिक स्वरूप को देखते हुए रावण के पुतला दहन की अनुमति नहीं दी गई।
स्थानीय लोग और रामलीला समिति के आयोजक इस फैसले से चिंतित हैं। भक्त इस भव्य आयोजन का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है।

इस बारे में एडीएम सिटी योगानंद पांडेय ने मीडियाकर्मियों से कहा कि इस बार रावण दहन पारंपरिक तरीके से नहीं हो रहा था। उन्होंने बताया कि अयोध्या की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही यह कदम उठाया गया।
कई कलाकार ले रहे हैं भाग
राम कथा पार्क में 22 सितंबर से चल रही रामलीला में रवि किशन, मनोज तिवारी, अवतार गिल, राकेश बेदी, बिंदु, दारा सिंह और मिस यूनिवर्स इंडिया मणिका विश्वकर्मा जैसे कलाकार भाग ले रहे हैं। यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।
रामलीला का मंचन लगातार जारी है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 2 अक्टूबर को रावण दहन नहीं होगा। यह निर्णय सुरक्षा और गैर पारंपरिक स्वरूप को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आयोजन स्थल पर श्रद्धालु अभी भी उत्साह से शामिल हो रहे हैं।
240 फीट ऊंचा बनाया जा रहा था पुतला
बताया जा रहा है कि इस बार रावण का पुतला 240 फीट ऊंचा बनाया जा रहा था। इसे देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद थी। लेकिन प्रशासन की अनुमति न मिलने के कारण यह योजना स्थगित कर दी गई। आयोजन समिति अब केवल मंचन पर ध्यान दे रही है।
रामलीला समिति के अध्यक्ष सुभाष मलिक बॉबी ने प्रशासन के इस फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 28 सितंबर की रात समिति और पुलिस के बीच विवाद हुआ। उन्होंने यह भी संभावना जाहिर किया कि हो सकता है इसी बात के चलते ऐसा फैसला लिया गया हो, जो गलत है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं देखने
फिल्मी सितारों की रामलीला की शुरुआत 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयास से हुई थी। तब से यह अयोध्या का विशेष आकर्षण बन चुकी है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक इस आयोजन को देखने आते हैं।
फिलहाल, अयोध्या प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा किसी भी परिस्थिति में प्राथमिकता होगी। इस बीच, स्थानीय लोगों का कहना है कि फिल्मी रामलीला उनके लिए मनोरंजन और धार्मिक अनुभव का स्रोत है। इस बार रावण दहन न होने से निराशा होगी।












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