Ayodhya Deepotsav 2022 ; 30 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं अयोध्या को बनाएंगी ग्लोबल सिटी
Uttar Pradesh की Yogi Adityanath की सरकार अयोध्या को एक ग्लोबल सिटी के तौर पर विकसित करने की कवायद के तहत शहर में 30,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही है। इनमें 1700 करोड़ रुपये की परियोजनाएं इस साल दिसंबर तक पूरी हो जाएंगी जिसके बाद अयोध्या नगरी एक नये कलेवर में नजर आएगी। जानकारों की माने तो भगवान श्री राम की पवित्र नगरी एक वैश्विक शहर के रूप में उभर रही है ये काफी अहम है। आने वाले दिनों में अयोध्या (Ayodhya Deepotsav 2022) में हो रहे विकास की गूंज काफी दूर तक सुनाई देगी। सूत्रों की माने तो पीएम मोदी की मौजूदगी में जहां 66 योजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा वहीं दूसरी ओर सरकार की तरफ से नई योजनाओं का ऐलान भी किया जा सकता है।

सीएम योगी के प्रयासों से संवर रही अयोध्या
भारतीय जनता पार्टी के सांसद लल्लू सिंह ने कहा, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, पांच साल पहले राजनीतिक रूप से अछूत माने जाने वाले भगवान श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या को एक वैश्विक शहर के रूप में विकसित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।" उन्होंने कहा कि चूंकि सरकार की ओर से विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही अधिकांश परियोजनाएं 2024 से पहले पूरी हो जाएंगी, उसी वर्ष तक अयोध्या एक वैश्विक शहर के रूप में उभरेगा।

काशी की तर्ज पर बन रहा श्रीराम जन्मभूमि कॉरीडोर
अयोध्या में परियोजनाओं में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर और मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की तर्ज पर बनाया जा रहा श्री राम जन्मभूमि कॉरिडोर शामिल है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश आवास और विकास परिषद अयोध्या में एक ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित करने के लिए 3,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। परियोजना के लिए अब तक लगभग 83 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है, जिसे मार्च 2024 तक पूरा किया जाना है।

ग्लोबल सिटी बनाने में मोदी सरकार कर रही मदद
अयोध्या को वैश्विक शहर बनाने में भाजपा की डबल इंजन सरकार भी पूरा सहयोग कर रही है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) सड़कों के निर्माण पर लगभग 12,000 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। सिंह के अनुसार, एनएचएआई चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग को चौड़ा करने के लिए 6,657 करोड़ रुपये और 67.5 किलोमीटर लंबे अयोध्या बाईपास के निर्माण के लिए 5,924 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है।

अयोध्या में चल रहे विकास के कई सारे प्रोजेक्ट
अयोध्या में किए जा रहे मुख्य विकास कार्यों में 1,175 करोड़ रुपये की लागत से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हवाई अड्डे के विस्तार की मंजूरी शामिल है, जिसमें से 843 करोड़ रुपये निजी भूमि पर खर्च किए गए हैं; श्री राम जन्मभूमि पथ (सुग्रीव किले से श्री राम जन्मभूमि तक), भक्ति पथ (श्रृंगार हाट से श्री राम जन्मभूमि तक) और राम पथ (सहादतगंज से नयाघाट तक) का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। इसमें अयोध्या बाईपास (रिंग रोड) का निर्माण भी शामिल है।

66 विकास की परियोजनाओं का होगा उद्घाटन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दीपोत्सव (23 अक्टूबर) को अयोध्या में 66 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। शहरी विकास विभाग की पेयजल योजना का फेज-3 उद्घाटन के लिए तैयार परियोजनाओं में शामिल है। इस ₹5456.62 लाख (₹54.56 करोड़) परियोजना के तहत अयोध्या नगर निगम के तहत क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। योगी आदित्यनाथ एक ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान की आधारशिला भी रखेंगे, जिसके अनुमानित लागत 856.84 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है।

नई योजनाओं का भी सरकार कर सकती है ऐलान
2192.03 लाख (₹21.92 करोड़) की लागत से अयोध्या में क्वीन हीओ मेमोरियल पार्क भी बनेगा। हनुमान कुंड और स्वरदखानी कुंड को भी क्रमशः ₹145.44 लाख (₹1.45 करोड़) और ₹106.45 लाख (₹1.06 करोड़) की लागत से पुनर्जीवित किया जाएगा। राज्य सरकार ने ₹488.97 लाख (₹4.88 करोड़) की लागत से 216 लोगों की क्षमता वाले एक सभागार का भी प्रस्ताव रखा है। साथ ही सरकार अयोध्या के लिए नई विकास योजनाओं की घोषणा करेगी। इससे पहले योगी आदित्यनाथ बुधवार को अयोध्या पहुंचे और दिवाली की पूर्व संध्या पर होने वाले छठे दीपोत्सव समारोह की तैयारियों के अंतिम चरण का जायजा लिया।












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