जिस पिस्टल से 'टिल्लू ताजपुरिया' को उड़ाना था, उसी से Atiq और Ashraf की हत्या..सनी बताया कहां से मिला Idea
शूटर सनी सिंह ने एसआईटी पूछताछ में बताया कि 'जिस जिगाना पिस्टल से अतीक की हत्या को अंजाम दिया गया है, वह दिल्ली के कुख्यात माफिय टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के लिए जितेंद्र गोगी गैंग ने दी थी।'

Atiq Ahmed News: 15 अप्रैल की देर रात तीन शूटर्स ने प्रयागराज में डॉन ब्रदर्स अतीक अहमद और अशरफ की पुलिस कस्टडी में गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने शूटर्स को मौके से गिरफ्तार कर लिया था और पूछताछ शुरू कर दी है। SIT पूछताछ में पकड़ गए शूटर सनी से कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
एसआईटी पूछताछ में शूटर सनी सिंह ने बताया, 'जिस जिगाना पिस्टल से अतीक अहमद और अशरफ की हत्या को अंजाम दिया गया है, वह दिल्ली के कुख्यात माफिय सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के लिए जितेंद्र गोगी गैंग ने दी थी।' जितेंद्र गोगी गैंग ने 50 हजार रुपए और 50 कारतूस भी दिए थे।
एसआईटी अब शूटर सनी के इस बयान को सत्यापन कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शूटर सनी गैंगस्टर जितेंद्र गोगी को जानता था और गोगी गैंग के लिए काम करता था। जितेंद्र गोगी की गिनती दिल्ली के मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर्स में होती थी। सनी सिंह ने बताया कि उसे अतीक और अशरफ को किस तरह मौत के घाट उतारा जाए। इसका आइडिया कहां से मिला था?
सनी सिंह ने बताया कि जितेंद्र गोगी ने ही मीडियाकर्मी बनकर अपने दुश्मन सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया को जान से मारने को कहा था। इसके लिए गोगी ने उसे हथियार, एक डमी कैमरा और माइक भी दिया था। लेकिन, जितेंद्र गोगी की 2021 में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से सनी सिंह जिगाना पिस्टल लेकर फरार हो गया था।
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पूछताछ में सनी सिंह ने पहली बार यह खुलासा किया है कि यह जिगाना पिस्टल सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के लिए मिली थी। गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया गोगी गैंग का विरोधी है और इन दोनों के बीच पहले से कई बार गैंगवार के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में जीतेंद्र गोगी गैंग अब टिल्लू ताजपुरिया की हत्या कर अपना रास्ता साफ करना चाहता है।
SIT की पूछताछ में सनी ने बताया कि वारदात में शामिल दूसरे शूटर अरुण से उसकी मुलाकात दिल्ली में हुई थी। उस समय अरुण पानीपत में लूट के मामले में गिरफ्तार होने के बाद जेल से छूटकर दिल्ली आया था। सनी ने बताया कि उसने कुछ दिनों तक उसने एक परिचित की मदद से बांदा में फरारी काटी थी।
इसी दौरान उसके संपर्क में लवलेश तिवारी आ गया। फिर इन तीनों ने मिलकर अतीक और अशरफ की हत्या को अंजाम दिया है। सनी ने बताया था कि अतीक और अशरफ को 14 अप्रैल को जब सीजेएम कोर्ट में पेश किया था, तभी उन्होंने मारने की कोशिश की थी।
हालांकि, उस समय अतीक और अशरफ के आसपास भारी पुलिस फोर्स थी। इसलिए, उन्हें अपने प्लान बदलना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने मीडिया कर्मी बनकर 15 अप्रैल को इस घटना को अंजाम दिया। इस वारदात को अंजाम देने के बाद इन तीनों ने मौके पर ही पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था।












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