सनसनीखेज: "आसाराम" के पूर्व चौकीदार ने प्रेमिका का रेता गला, शादी का दवाब बनाने पर निर्मम हत्या
यूपी के शाहजहांपुर में 8 दिन पूर्व हुई महिला की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। बताया गया कि महिला आरोपी युवक के साथ रहने की जिद कर रही थी। उससे पीछा छुड़ाने के लिए आरोपी ने महिला की गला रेतकर हत्या कर दी। बता दें कि आरोपी युवक दुष्कर्म की सजा काट रहे आसाराम के आश्रम का चौकीदार रह चुका है।
दरअसल, पूरा मामला शाहजहांपुर के चौक कोतवाली के गांव चांदापुर का है। 8 दिन पूर्व यानी 20 सितंबर को चांदापुर के पास गन्ने के खेत में 42 वर्षीय महिला का शव मिला था। जिसके बाद पुलिस अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच में जुट गई थी। इसी बीच पुलिस की सर्विलांस सेल को महिला का मोबाइल नंबर मिला, जिससे महिला की पहचान लालतप्पड़ डोईवाला देहरादून (उत्तराखंड) निवासी सीता के रूप में हुई।

लंबी छानबीन के बाद पुलिस ने सेहरामऊ दक्षिणी थाना क्षेत्र के गांव सियूरा निवासी शिवनाथ (30) को न्यू दिल्ली दरबार के बंद पड़े ढाबे के सामने से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पिट्ठू बैग में कपड़े, विभिन्न दस्तावेज व 1.20 लाख रुपये बरामद हुए। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतका का बैग व अन्य सामान भी बरामद कर लिया।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस ने मामले में खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी शिवनाथ के साथ ही सीता शाहजहांपुर आई थी। वह उसके साथ घर जाने की जिद कर रही थी। उधर, शिवनाथ को डर था कि सीता उससे उम्र में काफी बड़ी है और गांव में अधिक उम्र की महिला को घर में रखने पर बदनामी होगी। इसलिए उसने सीता की हत्या का प्लान बनाया।
इसके लिए वारदात वाले दिन शिवनाथ सीता को लेकर बस से आया और फिर दोनों चांदापुर चौराहे पर उतर गए। चूंकि शिवनाथ पूर्व में आसाराम के आश्रम में चौकीदारी करता था, इसलिए आरोपी ने सीता को आरसी मिशन थाना क्षेत्र के रुद्रपुर गांव में स्थित आसाराम के आश्रम में ठहराने की बात कही और गन्ने के खेत की ओर ले गया। फिर बहाने से महिला को खेत की मेड़ पर बैठा दिया। बाद में चाकू से गला रेत दिया। पहचान छिपाने के लिए उसके कपड़े उतार दिए थे।

दो साल पहले हुई थी दोनों की मुलाकात
पूछताछ में पता लगा कि शिवनाथ पिछले दो साल से देहरादून में काम करता था। वह जिस किराये के कमरे में रहता था, उसी के पास में सीता रहती थी। पति कैलाश की मृत्यु होने के बाद उसे बेटा छोड़कर चला गया था। बेटी की शादी के बाद जलकर मृत्यु हो गई थी। अकेली सीता को शिवनाथ ने सहारा दिया। बीमार होने पर उसकी देखभाल भी करने लगा था। सीता ने बैंक में एफडी तुड़वाकर एक लाख 30 हजार रुपये भी शिवनाथ को दिए थे। लिहाजा अब वो शिवनाथ के साथ ही रहना चाहती थी।












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