योगी कैबिनेट के मंत्री मोती सिंह के खिलाफ विधायकों ने खोला मोर्चा, CM को लिखी चिट्ठी
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में अपना दल के ब्लॉक प्रमुख को दौड़ा-दौड़ाकर पीटे जाने के मामले ने सियासी रुख अख्तियार कर लिया है। लेकिन, यह सियासी रुख किसी दूसरे दल की वजह से नहीं है, बल्कि खुद भाजपा गठबंधन में ही उपजा है। दरअसल दो दिन पहले प्रतापगढ़ में ब्लॉक प्रमुख पति को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया था। इसमें आरोप लगा था कि योगी कैबिनेट के मंत्री मोती सिंह की शह पर ही यह वारदात हुई है। मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज किया है और ब्लॉक प्रमुख को पति को गंभीर हालत में इलाज के लिए लखनऊ पीजीआई में भर्ती कराया गया है। इस मामले में अब भाजपा के सहयोगी अपना दल ने योगी के मंत्री मोती सिंह के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। मंत्री मोती सिंह के विरुद्ध अपना दल विधायकों ने खुला पत्र लिखा है और कार्रवाई की मांग की है।

भाजपा विधायक ने भी की शिकायत
इस शिकायती पत्र में दो अपना दल विधायकों आरके वर्मा व संगम लाल गुप्ता के साथ एक भाजपा विधायक धीरज ओझा भी शामिल हैं और इससे प्रतापगढ़ में अचानक से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। बता दें कि मोती सिंह को लेकर लगातार प्रतापगढ़ में विवाद होते रहे हैं और मंत्री बनने के साथ ही उनके विवादों की लंबी फेहरिस्त जारी है। उसी क्रम में अब यह ब्लॉक प्रमुख का मामला सरकार के लिए किरकिरी बन रहा है। चूंकि गठबंधन में सहयोगी पार्टी अपना दल ने इस मामले में कार्रवाई ना होने पर बगावती सुर अपनाने के संदेश दिए हैं। अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष ने भी इस मामले में साफ लहजे में कार्रवाई की मांग की है और उन्होंने लखनऊ में अपने पार्टी के ब्लॉक प्रमुख पति से मुलाकात की और आश्वासन दिया था कि वह उनकी लड़ाई लड़ेंगे।

जातीय राजनीति शुरू
इस मामले में अपना दल के नेताओं ने सीधे-सीधे जाति राजनीति को लेकर सरकार को चेताया है कि अगर सरकार ने इस पर कार्रवाई नहीं की तो आगे आने वाले 2019 के लोकसभा चुनाव में इसका प्रभाव उन्हें देखने को मिलेगा। सीएम योगी क भेजे गए पत्र में यह साफ-साफ लिखा गया है कि जिस ब्लॉक प्रमुख पति कुलदीप को मारा गया है वह पिछड़ी बिरादरी के और पटेल हैं और इस मारपीट से पिछड़ी बिरादरी के लोग बेहद ही खफा हैं। ऐसे में अगर कार्रवाई ना की गई तो जनता को आखिर क्या संदेश दिया जाएगा? फिलहाल अपना दल नेताओं के इस पत्र को लेकर अब खासी चर्चा हो रही है और यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि इस तरह से शुरू हो रही जाति राजनीति के मामले में सरकार किस तरह का एक्शन लेती है।
क्या है मामला
प्रतापगढ़ पट्टी कोतवाली के कंसापट्टी निवासी कुलदीप पटेल अपना दल के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य हैं। उनकी पत्नी कंचन पटेल मंगरौरा की ब्लॉक प्रमुख हैं। दरअसल मामला इसी मंगरौरा ब्लॉक प्रमुख की सीट को लेकर है इस सीट पर इस मौजूदा समय में कुलदीप पटेल की पत्नी ब्लाक प्रमुख है, उसी सीट पर इससे पहले मंत्री मोती सिंह के भतीजे सत्तारूढ़ थे। लेकिन, इस बार कुर्सी कुलदीप के हाथ लगी है। दो दिन पहले कुलदीप सांसद हरिवंश सिंह के निजी सचिव राघवेंद्र सिंह के साथ विकास भवन जा रहे थे कि करनपुर मोड़ के पास सामने से तेज रफ्तार कार आई और दोनो वाहन में टक्कर के बाद मारपीट हो गई। कुलदीप को इनोवा से उतारकर कार सवार लोगो ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। मौके पर पहुंची पुलिस ने कुलदीप को अस्पताल पहुंचाया। मौजूदा समय में घायल कुलदीप को लखनऊ पीजीआई में भर्ती कराया गया है। फिलहाल एक पक्ष से कुलदीप व दूसरे पक्ष से अमित सिंह ने एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।












Click it and Unblock the Notifications