मौके पर गलती से आ गई खाते में लाखों की रकम, झाड़ू-पोंछा करने वाली महिला ने बेटे का करा लिया इलाज
इलाहाबाद। अंग्रेजी के प्रसिद्ध साहित्यकार शेक्सपियर ने कहा था कि नाम में क्या रखा है। लेकिन, नाम की अहमियत क्या है इसका जीता-जागता उदाहरण इलाहाबाद में देखने को मिला हैं। यहां बैंक में एक ही नाम की दो महिलाओं के खाते ने सिर्फ बैंक की मुसीबत बढ़ा दी। बल्कि एक महिला को लगभग कंगाल कर दूसरी महिला को मालामाल कर दिया।

दरअसल पार्वती नाम की दो महिलाओं का खाता यहां एलनगंज की इलाहाबाद बैंक की शाखा में था। जिसमें बैंक की गलती से पासबुक में दोनों ग्राहकों का नाम व खाता नंबर एक जैसा ही दर्ज हो गया। बैंक की गलती का पार्वती नाम की उस महिला को फायदा मिल गया जिसने मात्र एक हाजर रुपये से अभी बैंक खाता खुलवाया था। अचानक खाते में पैसे बढ़ते रहें और वह धीरे-धीरे कर पैसे निकालती रही। अपना खाता समझकर पार्वती ने अकाउंट से 80 हजार रुपये निकाल लिए। हालांकि जब बैंक की पुरानी ग्राहक यानी पुरानी खाताधारक पार्वती को अपने खाते से पैसे निकाले जाने की जानकारी हुई तो उसने बैंक मैनेजर से शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला खुलसा हो सका।
क्या है मामला
इलाहाबाद बैंक की एलनगंज शाखा के प्रबंधक एके सिंह ने बताया कि शहर के छोटा बघाड़ा निवासी पार्वती देवी के खाते से 80 रुपये निकाले गए हैं। खाते से पैसे निकालने वाली महिला का नाम भी पार्वती है और उसका भी अकाउंट बैंक की किसी शाखा में है। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष जनवरी में ही करणपुर प्रयाग स्टेशन की रहने वाली पार्वती देवी ने एक हजार रुपये से अपना बचत खाता खुलवाया था। लेकिन जब पासबुक प्रिंट की गई तब गलती से छोटा बघाड़ा की रहने वाली पार्वती देवी का अकाउंट नंबर नए खाताधारक की पासबुक पर प्रिंट हो गया। जिसके चलते नई खाताधारक पार्वती पैसे निकलती रही और अब जब शिकायत सामने आई है तब गलती पकड़ में आई। प्रबंधक ने बताया कि दोनों खाताधारकों से बातचीत की गई है। प्रयास किया जा रहा है कि बैंक खाते से निकाली गई रकम को वापस दिलाया जा सके।
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क्या बात आई सामने
पैसा निकालने वाली खाताधारक पार्वती ने बताया कि पासबुक पर उसकी फोटो लगी थी और एक अकाउंट नंबर भी बैंक द्वारा ही लिखा गया था। उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि वह दूसरे के खाते से पैसा निकाल रही है। चूंकि उसे अपने बेटे के इलाज के लिए पैसों की आवश्यकता थी तो वह पैसे निकलती रही। हालांकि इस दौरान जब बैंक ने पार्वती से पूछा कि जब उसने एक हजार रुपये से अकाउंट खोला था तो इतनी अधिक रकम आने पर उसने बैंक को जानकारी क्यों नहीं दी। इस पर पार्वती ने बताया कि उसने एलआईसी ऑफिस में अपना यही अकाउंट नंबर दिया था और एलआईसी की ओर से 14 हजार रुपये डालने की जानकारी दी गई थी। उसे लगा कि एलआईसी द्वारा ही पैसे डाले गए हैं इसलिए वह पैसे निकलती रही। हालांकि बैंक अधिकारी उसकी बातों से सहमत नहीं थे और अब पैसों की रिकवरी का प्रयास कर रहे हैं।
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