इलाहाबाद: अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के खास आदमी ने बनाया था वकील मर्डर का मास्टर प्लान

इलाहाबाद। 10 मई 2018, यह वह दिन था जिस दिन उत्तर प्रदेश पुलिस के मुखिया यानी डीजीपी ओपी सिंह और मुख्य सचिव राजीव कुमार इलाहाबाद में थे और उनकी मौजूदगी के दौरान ही बदमाशों ने राजेश श्रीवास्तव नाम के वकील की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। सबसे आश्चर्य की बात यह थी कि जिस रास्ते से कुछ मिनट पहले डीजीपी का काफिला गुजरा था उसी जगह पर बदमाशों ने वकील को गोली मारी थी। इस घटना के बाद पूरे यूपी में हड़कंप मचा, वकीलों ने आंदोलन छेड़ दिया और वह हड़ताल पर चले गए। सरकार के मंत्री, विधायक हर कोई वकील के परिजनों से मिला, उन्हें मदद दी गई। लेकिन, सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर इस तरह से वारदात को किसने अंजाम दिया होगा? इतनी कड़ी सुरक्षा के बीच आखिर बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने की हिमाकत कैसे की थी? फिलहाल इन सवालो का जवाब मिल गया है और वकील मर्डर केस को यूपी स्पेशल टास्क फोर्स ने सुलझा लिया है।

मास्टर प्लान के अनुसार ही हुआ कत्ल

मास्टर प्लान के अनुसार ही हुआ कत्ल

पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुये बताया कि अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव मर्डर केस का मास्टर प्लान अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के गुर्गे अंजनी श्रीवास्तव ने बनाया था। यह पूरा प्लान बेहद शार्प दिमाग के अंजनी श्रीवास्तव का था, जिसके चलते न सिर्फ बदमाशों ने दिनदहाड़े भीड-भाड़ वाले इलाके में गोली मारी, बल्कि वह इलाहाबाद से भागने में सफल भी रहे। फिलहाल अंजनी श्रीवास्तव अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है लेकिन घटना को अंजाम देने वाले दोनों शूटर पुलिस की हिरासत में है और पूछताछ में ही उन्होंने सारा राज खोला है। यह साफ हो गया है कि दोनों शूटर डॉन के गुर्गे अंजनी श्रीवास्तव के लिए ही काम करते हैं।

कैसे बना था प्लान

कैसे बना था प्लान

वकील राजेश श्रीवास्तव ने होटल क्राउन प्लाजा के खिलाफ मुहिम छेड़ी थी। वह नाले व नजूल की जमीन पर बने होटल क्राउन प्लाजा को गिरवाने पर अड़े थे। प्रशासन ने कुछ दिन पहले वकील की शिकायत पर ही होटल की एक दीवार तोड़ दी थी, जिसके बाद से दोनो में खूब तनातनी चल रही थी। लेकिन अब वकील की पैरवी से बढ़ते दबाव से निपटने के लिये होटल मालिक प्रदीप ने डीजे वाले दोस्त घनश्याम से बात की तो वकील को रास्ते से हटाने का प्लान बना। घनश्याम ने मर्डर के लिये इलाहाबाद के छुटभैये क्रिमिनल से संपर्क किया, पर वकील को मारने की हिम्मत कोई नहीं दिखा सका।

 डॉन के गुर्गे से मिला

डॉन के गुर्गे से मिला

जब वकील को मारने की बात छोटे स्तर पर नहीं बनी तो घनश्याम ने अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के गुर्गे अंजनी श्रीवास्तव से संपर्क किया। अंजनी श्रीवास्तव ने वकील की हत्या का कॉन्ट्रैक्ट ले लिया और फिर अपने शागिर्द शमशाद को सूचना भेजी। 22 अप्रैल को पहली बार शमशाद इलाहाबाद आया और अंजनी श्रीवास्तव से मुलाकात की, चूंकि वकील को मारने में क्रिमिनल डर रहे थे क्योंकि बाद में जमानत होने में दिक्कत होती। ऐसे में अंजनी श्रीवास्तव ने मर्डर का पूरा मास्टर प्लान बनाया और दो नए लड़के मांगे। इधर काफी समय से प्रतापगढ़ के ही 2 शूटर अपराध की दुनिया में अपना नाम बनाने के लिए अंजनी श्रीवास्तव के संपर्क में आए थे। इन दोनों को शमशाद ने ही अंजनी श्रीवास्तव से मिलवाया था और वह अंजनी के लिए अभी तक छोटे-मोटे काम करते थे। अंजनी ने इन दोनों को ही वारदात को अंजाम देने के लिए चुना और दोनो ने प्रोफेशनल तरीके से वारदात को अंजाम दिया।

 जानते थे जल्द पकड़े जाएंगे

जानते थे जल्द पकड़े जाएंगे

एसटीएफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रतापगढ़ निवासी मो.रईस, विशाल विश्वकर्मा व शमशाद को पेश किया और बताया, वारदात वाले दिन बाइक रईस चला रहा था और विशाल ने वकील राजेश पर गोली चलाई थी। एसटीएफ की पड़ताल में पता चला कि दोनों शूटरों को यह अंजनी ने बखूबी समझा दिया था कि वह कुछ दिनों में पकड़ लिए जाएंगे इसके बावजूद भी दोनों कॉन्ट्रैक्ट लिया और वारदात को अंजाम दिया।

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