यूपी चुनाव: प्रतापगढ़ में सांसद प्रमोद तिवारी और एमएलसी अक्षय गोपाल नजरबंद
प्रमोद तिवारी के ऊपर अभी हाल ही में भाजपा प्रत्याशी नागेश ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद से ही प्रशासन ने कार्रवाई का मन बनाया। लेकिन बड़े नेता होने के कारण उन पर सीधी कार्यवाई करने से पुलिस बची।
इलाहाबाद। प्रतापगढ़ में बार-बार मारपीट और बवाल के चलते चुनाव में अशांति फैलने की आशंका बनी हुई है। जिस पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुये प्रतापगढ़ पहुंचे राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी को नजरबंद कर दिया है। राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी रामपुर खास सीट पर जैसे ही मतदान कर बाहर निकले डीएम ने उन्हे प्रशासनिक आदेश के पालन करने का फरमान सुना दिया। ये भी पढे़ं: इलाहाबाद: फूलपुर विधानसभा में फिर से हावी होगी कुर्मी बाहुल्य राजनीति!

दो नेताओं को किया गया नजरबंद
बता दे कि प्रमोद तिवारी के ऊपर अभी हाल ही में भाजपा प्रत्याशी नागेश ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद से ही प्रशासन ने कार्रवाई का मन बनाया था। लेकिन बड़े नेता होने के कारण उन पर सीधी कार्यवाई करने से पुलिस बचती रही। लेकिन गुरुवार को प्रमोद तिवारी मतदान करने पहुंचे तो उन्हे घर के अंदर ही नजरबंद किया गया । वहीं समाजवादी पार्टी के एमएलसी अक्षय प्रताप उर्फ़ गोपाल को भी घर में नजरबंद कर दिया गया है। बता दे कि अक्षय बाहुबली राजा भैया के रिस्तेदार हैं और बेहद ही नजदीकी माने जाते हैं। हालांकि इलाहाबाद की अपेक्षा प्रतापगढ में अभी तक किसी बूथ पर अशांति की सूचना नहीं आयी है।

भैंसहाई में बहिष्कार छोड़ माने ग्रामीण, शुरू हुई वोटिंग
वहीं, इलाहाबाद के बारा विधानसभा क्षेत्र के भैंसहाई गांव में ग्रामीणों के मतदान बहिष्कार के बाद मचा प्रशासनिक हड़कंप समाप्त हो गया है। घंटो मानमनौव्वल के बाद ग्रामीण प्रशासनिक भरोसे पर मान गये और अब मतदान शुरू कर दिया गया है। बता दें कि ग्रामीण वन विभाग द्वारा ग्रामीणों की जमीन लिये जाने से नाराज थे और ऐसे में ग्रामीणों ने चुनावी मतदान वाले दिन चुनाव का बहिष्कार कर दिया। बता दें कि बारा तहसील क्षेत्र के इस गांव में हालात ठीक रहे इसके लिए पिछले एक घंटे से प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे हुये हैं। उपजिलाधिकारी राजकुमार द्विवेदी, तहसीलदार रामकुमार शुक्ल, क्षेत्राधिकारी कृष्णगोपाल सिंह, ग्रामीणों से लगातार बातचीत कर उन्हे मतदान के लिये प्रोत्साहित कर रहे हैं।
वन विभाग से हैं ग्रामीण नाराज
इलाहाबाद की बारा तहसील के ग्राम सभा डेराबारी का मजरा है भैसहाई गांव । बहिष्कार कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग द्वारा ग्रामीणों की जमीन कब्जा कर ली गई है । जिसकी शिकायत की गई पर कार्रवाई नहीं हुई । ग्रामीण अपनी जमीन वापस करने की मांग की जा रही है। फिलहाल प्रशासनिक मानमनौव्वल के बाद भैंसहाई गांव में वोटिंग शुरू हुई है।

मतदान केंद्र पर SSB जवान ने मतदाताओं को जड़ा चांटा, हंगामा
वहीं, इलाहाबाद में तीसरे मामले में बारा विधानसभा क्षेत्र में एक मतदान केंद्र पर एसएसबी जवान की दबंगई का मामला सामने आया है। सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जवान ने एक मतदाता को कई तमाचे जड़ दिये। ऐसे में मतदाताओं के विरोध करने पर जवान का पारा और गर्म हो गया। जवान ने मतदाताओं के साथ अभद्रता करते हुये उन्हें पीट दिया।
शंकरगढ़ केंद्र पर हुई घटना
बता दें कि बारा सीट के शंकरगढ़ स्थित राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज में मतदाता केंद्र बनाया गया जहां सुरक्षा की जिम्मेदारी एसएसबी के जवान को दी गई है। मतदान के लिए ग्रामीणों की लाइन लगी हुयी थी। ग्रामीण किसी बात को लेकर बात कर रहे थे। जिस पर जवान ने शांत रहने को कहा। थोड़ी देर में ही जवान का पारा गर्म हो गया और एक युवक को कई तमाचे जड़ दिए। इसके बाद अन्य मतदाताओं ने इसका विरोध किया तो जवान ने उन्हे भी पीट डाला। ऐसे में वोटरों ने आक्रोश व्यक्त करते हुये हंगामा किया तो अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया। बताया गया कि इस सीट को बसपा का गढ़ माना जाता है। यहां से बसपा ने अशोक गौतम और अजय भारतीय भाजपा से मजबूत दावेदार हैं। ये भी पढ़ें: इलाहाबाद: सपा के पक्ष में दरोगा ने करवाई वोटिंग, बवाल












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