BSP चीफ मायावती और सतीश मिश्रा के बीच सब कुछ ठीक नहीं !, क्या छूटेगा एक दूसरे का साथ
लखनऊ, 11 जून: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद सियासी उठापटक का दौर जारी है। लखनऊ में सियासी अटकलें लगाई जा रही हैं कि मायावती के खास और राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्र जल्द ही बीएसपी छोड़ सकते हैं। बताया जा रहा है की विधानसभा चुनाव में हार का ठीकरा उन्हीं के सिर फूटने वाला है। सूत्रों का यह भी कहा है कि सतीश मिश्र की मुलाकात दिल्ली में कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णम से हुई है। इसके बाद ही अटकलें लगाई जा रहीं हैं की वह कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।

क्या मायावती और सतीश मिश्र में सबकुछ ठीक नहीं
उत्तर प्रदेश में बसपा सुप्रीमो मायावती से सतीश चन्द्र मिश्रा के अंदुरुनी खटपट की सूचनाएं लगातार आ रही हैं। वहीं सूत्रों का दावा है कि अब ये सार्वजनिक होने वाला है। इसका सही वक़्त दोनों ही लोकसभा के उपचुनाव में उन्हें किसी भी प्रकार से कोई तवज्जो नहीं दिया जाना बताया जा रहा। पिछले चुनावों में हार का ठीकरा भी सतीश चन्द्र मिश्रा पर ही फोड़ा गया। यही कारण है कि वो मायावती का साथ छोडने का मन बना चुके हैं। ऐसे में सब कुछ ठीक रहा तो बसपा के मिशन से उनकी विदाई तय मानी जा रही है। लेकिन अब वो अपना राजनीतिक करियर कहाँ बनाएँगे, ये बहुत बड़ा प्रश्न है, क्यूंकी सतीश चन्द्र मिश्रा को जनता नेता के बजाए अच्छा वकील और मैनेजर मानती है। ऐसे में उनकी ज़रूरत किस पार्टी को है ये बड़ा प्रश्न है।
मायावती के रवैए से बीएसपी छोड़ चुके हैं कई दिग्गज नेता
बसपा सुप्रीमो मायावती पर अक्सर उनके करीबी रहे लाल जी वर्मा, नासिमुद्दीन सिद्दीकी जैसे बड़े नेता अक्सर ही उनके गलत फैसलों पर ऐतराज जताकर उनका विरोध करत रहे। लेकिन सतीश चन्द्र मिश्र ने उनके नक्शे कदम चलते हुए मायावती की हाँ में हाँ मिलाई जिससे वो लगातार पार्टी में विरोध के बावजूद बचे रहे। पूरी पार्टी के गैर सवर्ण नेता अक्सर उनसे नाराज ही रहे। इसके पीछे एक बड़ा कारण मायावती का उनपर सबसे ज्यादा भरोसा भी है। लेकिन लगातार चुनावों में मिलती हार से मायावती काफी निराश हुई। अब रिश्तो में तल्खी दिखाई दे रही है। विधानसभा चुनाव में बीएसपी को काफी नुकसान हुआ था। जिस तरह से बीएसपी केवल एक सीट पर सिमटी है उससे मायावती काफी आहत हैं। वह लगातार प्रयास करने में जुटी हैं कि पार्टी की स्थिति को ठीक किया जाय।
चुनाव के दौरान सतीश मिश्रा के सीएम फेस को लेकर चली थी खबर
तीन महीने पहले ही यूपी में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान लखनऊ में कई जगहों पर पोस्टर लगाए गए थे जिसमें मायावती के सबसे करीबी नेता सतीश मिश्रा के सीएम फेस होने की बात कही गई थी। यह मामला इतना तूल पकड़ा था कि मायावती को सामने आकर सफाई देनी पड़ी थी। मायावती ने तब कहा था कि उनका उत्तराधिकारी कोई दलित ही होगा। इस खबर के बाद से ही मायावती ने सतीश मिश्रा के पेंच कसने शुरू कर दिए थे। ऐसा माना जा रहा था कि जल्द ही सतीश मिश्रा को लेकर मायावती कोई बड़ा कदम उठा सकती हैं। अब दो दिन पहले ही ऐसी खबर आई थी कि बसपा के स्टार प्रचारकों की लिस्ट से सतीश मिश्रा का नाम गायब है। इसके बाद ही ऐसी चर्चाएं हैं कि मायावती और सतीश में क्या सबकुछ सही नहीं चल रहा है।












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