'सिर्फ 11 विधायक दो, फिर देखो एनकाउंटर करने वालों का एनकाउंटर', AIMIM अध्यक्ष के बयान पर मचा बवाल, FIR दर्ज
AIMIM UP President Shaukat Ali statement: उत्तर प्रदेश की सियासत में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब हाजी शौकत अली ने मेरठ में आयोजित ईद मिलन समारोह को चुनावी मंच में बदल दिया। उन्होंने 2027 विधानसभा चुनावों का बिगुल फूंकते हुए न सिर्फ अपनी पार्टी की रणनीति का खुलासा किया, बल्कि कई विवादित बयान देकर राजनीतिक तापमान भी बढ़ा दिया।
दरअसल, शौकत अली ने दावा किया कि जनता अगर सिर्फ 11 विधायक जिताती है, तो किसी मुसलमान का एनकाउंटर नहीं होने देंगे। साथ ही चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी किसी मुसलमान का एनकाउंटर हुआ, तो उन अधिकारियों का भी एनकाउंटर किया जाएगा। इस विवादास्पद बयान पर को लेकर विवाद खड़ा हो गया और पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया।

भाजपा बोली- 'एनकाउंटर मुसलमान या हिंदू का नहीं होता...'
शौकत अली के बयान पर उत्तर प्रदेश भाजपा आगबबूला हो गई है। यूपी के भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने ओवैसी की पार्टी के नेता के बयान की आलोचना की। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, "शौकत मियां एनकाउंटर मुसलमान या हिंदू का नहीं होता, एनकाउंटर दुस्साहसी अपराधियों का होता है जो पुलिस के ऊपर गोली चलाने का दुष्साहस करते हैं। जो समाज के लिए खतरा बन जाते हैं, ऐसे अपराधी का एनकाउंटर होता है। लेकिन ये लोग एनकाउंटर हिंदू-मुसलमान में बांट कर जो वोट बैंक की जो घटिया राजनीति कर रहे हैं, उस घटिया राजनीति से अब कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है क्योंकि उत्तर प्रदेश आज मजबूत कानून व्यवस्था के कारण भाजपा सरकार पर भरोसा करती है। इसलिए आप कितनी भी कोशिश कर लें, भड़काऊ भाषण दें, आपकी यूपी में दाल नहीं गलने वाली है।"
अपनी सफाई में क्या बोले शौकत अली?
अपने बयान पर सफाई देते हुए शौकत अली ने कहा कि उन्होंने जो कुछ कहा, वह संविधान के दायरे में रहकर कहा। उन्होंने फिर से सपा पर हमला दोहराते हुए कहा कि 90% मुस्लिम वोट मिलने के बावजूद उनके विधायक अन्याय के खिलाफ खामोश हैं।
सपा पर भी साधानिशाना-'111 विधायक, फिर भी खामोशी'
सोशल मीडिया पर शौकत अली का जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें उन्होंने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी पर हमला बोला। उनका कहना था कि जिन्हें जनता ने 111 विधायक दिए, वे अब अन्याय के मुद्दों पर चुप हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल इल्जामों के आधार पर लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाए गए और गोलियां चलाई गईं, लेकिन विपक्षी नेता जिम्मेदारी से बच रहे हैं।
'एक डंडा, एक झंडा, एक नेता'
मुस्लिम समुदाय को संबोधित करते हुए शौकत अली ने लोगों से घर-घर जाकर नाइंसाफी के मुद्दे उठाने की अपील की। उन्होंने एक साल तक 'जमात' में सक्रिय रहने का संकल्प लेने को कहा, ताकि उनकी आवाज लखनऊ तक पहुंचे। साथ ही मस्जिदों और मदरसों की सुरक्षा पर जोर देते हुए 'एक डंडा, एक झंडा और एक नेता' का नारा दिया।
2027 में 200 सीटों पर चुनाव लड़ने का किया ऐलान
शौकत अली ने घोषणा की कि AIMIM 2027 के विधानसभा चुनाव में 200 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने मायावती के साथ मिलकर दलित-मुस्लिम गठबंधन बनाने की भी बात कही। उन्होंने इस कार्यक्रम को महज ईद मिलन नहीं, बल्कि "सत्ता संघर्ष का आगाज" बताया-जिससे साफ है कि पार्टी आने वाले चुनावों में आक्रामक रणनीति के साथ उतरने की तैयारी कर रही है। यूपी में योगी सरकार ने 'The Shadow’ ऐप किया लांच, कैसे करेगा छात्राओं की सुरक्षा और क्या हैं सुविधाएं?
शौकत अली यूपी में संभाल रहे AIMIM की कमान
हाजी शौकत अली उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वे पार्टी के वरिष्ठ नेता और मुस्लिम समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधि के रूप में जाने जाते हैं। शौकत अली उत्तर प्रदेश की सियासत में सक्रिय हैं और विशेषकर कमजोर और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों और सुरक्षा के मुद्दों को उठाने के लिए जाने जाते हैं।
AIMIM की रणनीति के तहत वे उत्तर प्रदेश में पार्टी का विस्तार और आगामी विधानसभा चुनावों में राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। वे उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रैलियाँ और जनसभाएँ करते रहे हैं और कई बार विवादित बयानबाज़ी के कारण चर्चा में रहे हैं












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