AI इंजीनियर अतुल सुभाष के ससुराल वालों को मिली बड़ी राहत, जानिए हाईकोर्ट ने क्या दिया फैसला?
AI engineer Atul Subhash incident: एआई इंजीनियर अतुल सुभाष के मामले में हाईकोर्ट का फैसला आ गया है। इस मामले में हाईकोर्ट ने अतुल सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया, उनकी सास निशा सिंघानिया और साले अनुराग तथा पत्नी के चाचा सुशील सिंघानिया को अग्रिम जमानत दे दी है।
हालांकि हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत दिए जाने के बाद भी मृतक इंजीनियर अतुल की पत्नी और सास और साले को इसका कोई फायदा नहीं होगा। इसका लाभ सिर्फ अतुल सुभाष् की पत्नी के चाचा सुशील सिंघानिया को ही मिल पाएगा।

इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि मृतक इंजीनियर अतुल सुभाष की पत्नी, उनकी सास और उनके साले को गिरफ्तार किया जा चुका है। सिर्फ अतुल सुभाष की पत्नी के चाचा सुशील सिंघानिया को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है, इसलिए हाईकोर्ट के फैसले का लाभ सिर्फ उन्हें ही मिल पाएगा।
दरअसल, इंजीनियर अतुल सुभाष के सुसाइड करने के बाद उनके भाई विकास की तहरीर पर बेंगलुरु पुलिस द्वारा अतुल सुभाष के ससुराल वालों के साथ ही अन्य लोगों के के ऊपर मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज करने के बाद बेंगलुरु पुलिस जौनपुर भी पहुंची थी।
बेंगलुरु पुलिस के जौनपुर पहुंचने से पहले ही अतुल सुभाष के ससुराल वाले घर में ताला लगाकर फरार हो गए थे। इस दौरान बेंगलुरु पुलिस जौनपुर पहुंची और पुलिस ने उनके घर पर जो नोटिस चिपकाया था, उसमें उन्हें 3 दिन के अंदर पेश होने को कहा गया था।
बेंगलुरु पुलिस इंजीनियर अतुल सुभाष के ससुराल वालों की तलाश कर रही थी। इसी बीच ससुराल वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे और अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की। हालांकि अतुल सुभाष की पत्नी और उनकी सास व साले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव ने ससुराल वालों की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका के मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि इस मामले में पहले ही तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सुशील सिंघानिया को पर्याप्त समय और सुरक्षा दी जानी चाहिए, ताकि वह कर्नाटक कोर्ट और संबंधित अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रख सकें। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने सुशील सिंघानिया को अग्रिम जमानत दे दी। अग्रिम जमानत देने के साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि अगर उन्हें गिरफ्तार किया जाता है तो 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और दो जमानती पेश करने और मजिस्ट्रेट की संतुष्टि पर रिहा कर दिया जाएगा।
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