बेटी की जान बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ गई मां, 15 मिनट तक अकेले लड़ी जंग
उत्तर प्रदेश के आगरा के बाह क्षेत्र के जैतपुर गांव में एक मां ने अपनी ममता और साहस की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। दोपहर करीब 1 बजे जब 3 साल की अर्पिता आंगन में खेल रही थी, तभी अचानक घर में एक जंगली जानवर घुस आया। उसने बच्ची को जबड़ों में दबाकर खींचना शुरू कर दिया। बच्ची की चीख सुनते ही उसकी मां रीमा दौड़ी और बिना एक पल गंवाए जानवर से भिड़ गई।

मुझे सिर्फ बेटी की जान दिख रही थी
मीडिया से बातचीत में रीमा ने बताया कि मैं बर्तन धो रही थी तभी बेटी चिल्लाई। देखा तो वह किसी जंगली जानवर के जबड़ों में थी। उस पल मुझे कुछ सूझा ही नहीं, बस लगा कि बेटी को बचाना है। मैं भागकर उसके सामने खड़ी हो गई।
जानवर ने बच्ची को छोड़ने के बजाय रीमा पर भी हमला कर दिया। उसने रीमा के सिर और हाथों पर पंजों और दांतों से हमला किया। इसके बावजूद रीमा पीछे नहीं हटी। करीब 15 मिनट तक वह अकेले जंगली जानवर से लड़ती रही।
घायल होकर भी बचाई बेटी की जान
हमले में अर्पिता के चेहरे और सिर पर गहरे घाव आए, वहीं रीमा की उंगली और सिर भी बुरी तरह जख्मी हो गए। लेकिन आखिरकार मां के संघर्ष के आगे जानवर हार गया और भाग खड़ा हुआ। रीमा ने कहा कि अगर मैं नहीं होती तो पता नहीं बेटी का क्या होता। उस वक्त मुझे अपनी चोटों का एहसास ही नहीं था, मैं बस उसे खींचकर अपनी गोद में लेना चाहती थी।
ग्रामीणों की मदद और पति की व्यथा
शोरगुल सुनकर आस-पड़ोस के लोग भी दौड़े, लेकिन तब तक जानवर भाग चुका था। कुछ देर बाद घर लौटे पति आशीष ने जब यह दृश्य देखा तो स्तब्ध रह गए। उन्होंने तुरंत पत्नी और बेटी को अस्पताल पहुंचाया। पहले एसएन मेडिकल कॉलेज और फिर जैतपुर सीएचसी में दोनों का इलाज किया गया।
आशीष ने कहा कि जब मैंने बेटी और पत्नी की हालत देखी तो दिल दहल गया। लेकिन गर्व भी हुआ कि मेरी पत्नी ने जिस हिम्मत से जंगली जानवर से मुकाबला किया, वो सचमुच किसी वीरांगना से कम नहीं।
मां की बहादुरी की चर्चा पूरे गांव में
गांव में अब हर कोई रीमा की बहादुरी की चर्चा कर रहा है। लोग कह रहे हैं कि मां और बेटी का रिश्ता दुनिया में सबसे गहरा है। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि मां अपनी संतान के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। फिर चाहे सामने तेंदुआ क्यों न हो।
हमलावर तेंदुआ या सियार?
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। जैतपुर रेंज के रेंजर कोमल सिंह ने बताया कि इस इलाके में तेंदुआ कभी नहीं देखा गया है। हो सकता है कि हमला करने वाला जानवर लकड़बग्घा या सियार हो। वन विभाग की टीम मौके पर जांच कर रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।












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