अब्बास अंसारी मामले के बाद खुली सरकार की नींद, जेलों में बंद खूंखार अपराधियों व गुर्गों की ऐसे बढ़ेगी टेंशन
उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की विभिन्न जेलों में बंद खूंखार अपराधियों और उनके गुर्गों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। खूंखार अपराधियों और माफियाओं पर चौबीसों घंटे नजर रखने की व्यवस्था मुख्यालय से ही की जा रही है।

The Uttar Pradesh government: उत्तर प्रदेश में जेल में बंद माफियाओं और अपराधियों का जेल प्रशासन के साथ गठजोड़ काफी पुराना रहा है। कई बार इस तरह के मामले समाने आए हैं जब जेल प्रशासन और अपराधियों के बीच गठजोड़ के मामले उजागर हुए हैं। पिछली गलतियों से सबक लेते हुए अब यूपी सरकार जेलों में 24 घंटे होने वाली निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करेगी। सरकार से जुड़े सूत्रों की माने तो अब जेलों में लगे कैमरों को जिला मुख्यालय से जोड़ने की तैयारी की जा रही है ताकि आला अफसर भी वहीं से उसपर नजर रख सकें। दरहसल हाल में बाहुबली माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे और विधायक अब्बास अंसारी और उसकी पत्नी निखत की मुलाकात ने अधिकारियों की नींद उड़ाकर रख दी है।

खूंखार अपराधियों और गुर्गों पर कसेगा शिकंजा
उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की विभिन्न जेलों में बंद खूंखार अपराधियों और उनके गुर्गों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। राज्य के अधिकारी जेलों में बंद खूंखार अपराधियों और माफियाओं पर चौबीसों घंटे नजर रखने की व्यवस्था मुख्यालय से ही कर रहे हैं। इसने आगे कहा कि सरकार ने गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी के बेटे मऊ विधायक अब्बास अंसारी के हालिया मामले को गंभीरता से लिया है, जो मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चित्रकूट जिला जेल में बंद था।

अब्बास अंसारी मामले के बाद खुली सरकार नींद
दरअसल यूपी में 11 फरवरी को अब्बास अंसारी की पत्नी निकहत अंसारी और उनके ड्राइवर की चित्रकूट जेल परिसर के अंदर से गिरफ्तारी ने स्थानीय जेल अधिकारियों के साथ अपराधियों की सांठगांठ को उजागर कर दिया है। इससे एक बात उजागर हुई है कि जेल में बंद अपराधियों के रिश्तेदार, परिवार के सदस्य और उनके गुर्गे कितनी आसानी से जेल तक पहुंच सकते हैं। ऐसा होने से जेल में बंद अपराधी आसानी से सलाखों के पीछे से अपने नेटवर्क का संचलान कर रहे हैं।

CCTV कैमरों को अपडेट करने का काम शुरू
ऐसे अपराधियों पर चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश की 30 जेलों के परिसर में वर्तमान में सीसीटीवी कैमरे लगाने और अपग्रेड करने का काम चल रहा है। सरकार बंदियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनके कौशल विकास पर जोर-शोर से काम कर रही है। जेल अपराधों पर अंकुश लगाने के सरकार के प्रयासों को विफल करने वाले जेल अधीक्षकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई कर रही है जो चित्रकूट जेल जैसी घटनाओं को होने देते हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि जेल के अधिकारी और कर्मचारी, जो किसी भी तरह के दबाव या धमकी का सामना करते हैं, वे तुरंत इसकी सूचना मुख्यालय को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके। अधिकारी के मुताबिक ऐसी घटनाओं से जेलों में हो रहे सकारात्मक और अच्छे काम पर पानी फिर जाता है। हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश की जेलों में साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और उत्साह के साथ विभिन्न उत्सवों के आयोजन के तरीके की प्रशंसा की थी।

अपराधियों पर निगरानी रखेगी सरकार
प्रमुख सचिव कारागार राजेश प्रताप सिंह के अनुसार, उ0प्र0 की सभी जेलों के अधीक्षकों को शासन द्वारा जेलों में बंद टॉप टेन अपराधियों की सूची मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही जेलों में बन रहे विभिन्न उत्पादों की सूची भी मुख्यालय भेजी जाए। मुख्यालय से सीसीटीवी कैमरों से निगरानी को और पुख्ता करने के लिए तत्काल उचित कार्रवाई की जाए। जेलों में बंद शीर्ष 10 अपराधियों पर बेहतर निगरानी रखने की जरूरत है।












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