वरुण गांधी के मुद्दे पर नप गए कांग्रेस के नेता, पोस्टर जारी करने पर हुआ ये ऐक्शन
प्रयागराज, 13 अक्टूर: प्रयागराज में कांग्रेस के एक लोकल लीडर ने भाजपा सांसद वरुण गांधी का पार्टी में स्वागत करने वाला पोस्टर जारी कर काफी सियासी विवाद खड़ा कर दिया था। वरुण की ओर से इसे अफवाह बताने के बाद कांग्रेस ने अपने ही नेता पर ऐक्शन ले लिया है। पार्टी ने उस नेता को 15 दिनों के लिए कांग्रेस की जिम्मेदारियों से दूर कर दिया है। इरशाद उल्ला नाम के उस कांग्रेस नेता पर आरोप है कि उसने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ भाजपा सांसद की तस्वीरों वाला एक पोस्टर जारी किया, जिसमें वरुण गांधी का कांग्रेस में स्वागत किया गया था। गौरतलब है कि वरुण लखीमपुर खीरी की घटना की वजह से अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं और कयास लगाए जा रहे हैं कि वह पार्टी से काफी नाराज चल रहे हैं।

वरुण गांधी के मुद्दे पर नप गए कांग्रेस के नेता
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के अपने नेता के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। उस नेता ने कथित तौर पर सोनिया गांधी और वरुण गांधी की तस्वीर वाला एक पोस्टर जारी किया था। इस पोस्टर में वरुण गांधी के कांग्रेस में आने का स्वागत किया गया था। इरशाद उल्ला नाम के जिस कांग्रेसी ने यह पोस्टर जारी किया वह प्रयागराज शहर कांग्रेस समिति का सचिव है। उसने पोस्टर पर सोनिया और वरुण की तस्वीर के साथ उनके कांग्रेस में शामिल होने को लेकर संदेश भी लिखा गया था- 'सुस्वागतम। दुख भरे दिन बीते रे भाईया, अब सुख आयो रे'। इस पोस्टर पर इरशाद उल्ला ने अपनी और स्थानीय कांग्रेसी बाबा अभय अवस्थी की भी तस्वीर छपवाई थी।
15 दिनों के लिए कांग्रेस की ड्यूटी से छुट्टी
प्रयागराज शहर कांग्रेस के अध्यक्ष नफीस अनवर ने बताया है कि इरशाद उल्ला को 15 दिनों के लिए पार्टी की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है। गौरतलब है कि वरुण गांधी लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर लगातार ट्वीट करके अपनी ही पार्टी को मुसीबत में डाल चुके हैं, जिसके बाद भाजपा की 80 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की गई थी, जिसमें वरुण के साथ-साथ उनकी मां और सुल्तानपुर से भाजपा की वरिष्ठ सांसद मेनका गांधी को भी जगह नहीं दी गई थी। तभी से दोनों मां-बेटों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने शुरू हो गए थे। हालांकि, मेनका गांधी ने दो दिन पहले ही साफ किया था कि वह 20 वर्षों से भाजपा में हैं और संतुष्ट हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई वरिष्ठ नेताओं को कार्यकारिणी में जगह नहीं मिली है और इससे उनका कद छोटा नहीं हो जाता। यही नहीं उन्होंने नए चेहरों को मौका मिलने की भी वकालत की थी।
ये सब अफवाह- वरुण गांधी
बाद में वरुण गांधी ने खुद भी कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया था। न्यूज18 के मुताबिक जब उनसे फोन पर कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं के बारे में प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि 'ये सब अफवाह...' जबकि, मेनका पहले ही भाजपा छोड़ने की बातों को सिरे से नकार चुकी थीं।(सोशल मीडिया पर वायरल)












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