यूपी: भाजपा विधायक के क्षेत्र का गांव, बिजली-सड़क के लिए तरस रहे लोग
कानपुर। उत्तर प्रदेश में जहां एक ओर यूपी की योगी सरकार और केन्द्र की मोदी सरकार विकास और ग्रामीण क्षेत्र में विद्युतीकरण कर लोगों को बिजली उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे कर रही है। वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और भी बयां कर रही है। न तो अभी ग्रामीण क्षेत्रों में विकास दिख रहा है और न ही विद्युतीकरण। वहीं जनप्रतिनिधियों से केवल आश्वासन ही मिल रहा है।

गांव में जर्जर सड़क
ग्रामीण अपनी बदहाली के लिए सीधे तौर पर जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार बताते हुए केन्द्र की मोदी सरकार और यूपी की योगी सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। ऐसा ही एक गांव यूपी के जनपद कानपुर देहात के रसूलाबाद विकासखण्ड के सौज गांव में देखने को मिला जहां गांव के ग्रामीण आजादी के बाद से गांव में विकास की आस लगाये बैठे हैं। वहीं जनप्रतिनिधि केवल आश्वासन देकर अपनी खानापूर्ति कर लेते हैं। ग्रामीणों की समस्याओं की ओर न तो उनका ध्यान जा रहा है और न ही गांव के विकास के लिए कदम उठाये जा रहे हैं। नतीजतन आजादी के बाद से न तो ग्रामीणों को बिजली के दर्शन हुए और न ही सड़क के। ग्रामीणों को जलभराव वाले और जर्जर मार्गों से गुजरना पड़ रहा है।

गांव में नहीं आती हैं जनप्रतिनिधि
सत्ताधारी पार्टी बीजेपी से रसूलाबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायिका निर्मला संखवार की कार्यशैली का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि जीतने के बाद से उन्होंने न तो ग्रामीणों की सुधि ली और न ही गांव जाकर लोगों की समस्याओं को सुनना मुनासिब समझा। ग्रामीणों की मानें तो चुनाव के समय वोट पाने के दौरान जनप्रतिनिधि गांव आते हैं और बिजली, पानी व सड़क देने का वादा करते हैं लेकिन जीतने के बाद न तो समस्या का निदान होता है और न ही गांव आते हैं। नतीजतन आजादी के कई वर्षो बाद विकास तो दूर बिजली की गांव में नहीं आ सकी है।

आजादी के बाद मिल रहा सिर्फ आश्वासन
गांव के प्रधान ने कहा कि अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को कई बार गांव में बिजली और विकास के लिए जानकारी दी लेकिन उनका इस ओर ध्यान ही नहीं जा रहा है। आजादी के बाद से केवल आश्वासन मिल रहा है।

सहकारिता मंत्री ने बिजली पहुंचाने का किया दावा
इस मामले में कानपुर देहात के प्रभारी मंत्री और यूपी के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा से इस बाबत पूछा गया कि ग्रामीणों की सड़क, बिजली और पानी की समस्या का निदान कब तक होगा तो वो इस सवाल से बचते नजर आये और कहा कि 2018 तक हर गांव में बिजली पहुंचाने का दावा किया।












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