यूपी के अस्पतालों में लगेंगे 400 Health ATM, पल भर में मिलेगी रिपोर्ट, मरीजों को नहीं होगी कोई दिक्कत
उत्तर प्रदेश योगी सरकार द्वारा अगले महीने तक यूपी के अस्पतालों में 400 Health ATM लगाए जाएंगे। इनके लगने से पीएचसी-सीएचसी और जिला अस्पतालों में मरीजों को डायबिटीज, हेपेटाइटिस, हीमोग्लोबिन, मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू समेत 30 से 50 तरह की जांच की रिपोर्ट बहुत कम समय में मिल सकेगी। इसके जरिए मरीजों का रिपोर्ट कार्ड उनके व्हाट्सएप नंबर, ई-मेल और एसएमएस के जरिए उपलब्ध कराने की योजना है।
उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक जगदीश ने बताया कि इसकी खरीद की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन हेल्थ एटीएम के लगने से मरीजों को जांच रिपोर्ट तुरंत मिल जाएगी। इसी आधार पर उनका इलाज शुरू होगा। इसके संचालन के लिए कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मरीजों को मिलेगा बेहतर उपचार
प्रदेश के 17 जिलों के 31 सीएचसी पर 10.49 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अस्पतालों में इन उपकरणों के लगने से मरीजों को पहले से बेहतर इलाज मिल सकेगा। ये उपकरण बाराबंकी के सिद्धौर और जहांगीराबाद सीएचसी, रायबरेली के रोहनिया, अयोध्या के हैदरगंज सीएचसी पर लगाए जाएंगे। उपकरणों व साज-सज्जा के लिए लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार के सेक्टर 3 में निर्माणाधीन ट्रॉमा सेंटर की स्थापना के लिए भी शासन से मंजूरी मिल गई है। इस पर 3.01 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
आई फ्लू को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने आई फ्लू प्रभावित जिलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। शनिवार को सभी जिलों के सीएमओ और अस्पतालों के सीएमएस को आईफ्लू प्रभावित मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आई फ्लू की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे आते हैं, ऐसे में बच्चों को ख्याल रखने की बहुत अधिक जरुरत है।
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि सभी स्कूल-कॉलेजों को भी सतर्क रहना चाहिए। अगर किसी बच्चे की आंखों में संक्रमण है, तो उसे छुट्टी दे देना चाहिए। उसे स्वस्थ बच्चों से दूर बैठाएं। आईफ्लू से घबराने की जरूरत नहीं है। सावधानी बरतकर आप आंखों के संक्रमण से खुद को बचा सकते हैं। संक्रमण होने पर सरकारी अस्पताल में इलाज कराएं। इलाज की पुख्ता व्यवस्था है। जांच से लेकर दवा तक की व्यवस्था नि:शुल्क है।
अलग कमरे में देखें आई फ्लू के मरीज
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि नेत्र रोग विशेषज्ञ आईफ्लू के मरीजों को अलग कमरे में देख सकते हैं। जिससे अन्य मरीजों को संक्रमण से बचाया जा सके। मरीजों को इलाज के साथ क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। इससे संक्रमण पर आसानी से काबू पाया जा सकता है। संक्रमण को फैलने से भी रोका जा सकता है।












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