रेलवे को मदद के लिए किया ट्वीट फिर भी नहीं मिला इलाज, बच्चे की मौत
बरेली। रेलवे में लापरवाही का एक और डरा देने वाला मामला सामने आया है। मंगलवार को रेल मंत्रालय को ट्वीट के बाद भी चंडीगढ़-पाटलीपुत्र सुपरफास्ट ट्रेन में 4 वर्षीय आलोक को समय पर इलाज नहीं मिल सका। समय पर इलाज के अभाव में दस्त से पीडि़त मासूम ने ट्रेन में दम तोड़ दिया। बरेली जंक्शन पर रेलवे के डॉक्टर ने बच्चे को देखा और मृत घोषित कर दिया। बच्चा अपने मां और चाचा के साथ चंडीगढ़ से सुल्तानपुर स्थित अपने गांव जा रहा था।

मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित परिवार सुल्तानपुर के थाना क्षेत्र भोदपुल गांव बदईपुर रहने वाला है। बदईपुर निवासी धमेंद्र कुमार चंडीगढ़ में एक कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड हैं। वह अपनी पत्नी शकुंतला देवी, बेटा आलोक और भाई सुरेश कुमार रहते हैं। मंगलवार को सुरेश अपने भाभी और भतीजे आलोक के साथ अपने गांव जाने के लिए चंडीगढ़ से चंडीगढ़-पाटलीपुत्र सुपरफास्ट ट्रेन में सवार हुए थे।
सफर से पहले आलोक की तबीयत बिल्कुल ठीक थी। लेकिन ट्रेन में खाना खाने के बाद उसकी अचानक तबियत बिगड़ गई। धर्मेंद्र ने रेल मंत्रालय के ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। ट्रेन रामपुर रुकी लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिला। ट्रेन जब तक बरेली पहुंची तब तक मासूम ने दम तोड़ दिया। जब ट्रेन प्लेटफार्म नम्बर-1 पर आकर रूकी तो आलोक को देखने के लिए एक डॉक्टर को भेजा गया। जिसने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार वाले बच्चे का शव अपने साथ सुल्तानपुर ले जाना चाहते थे लेकिन कोच में शव ले जाना मना है। लिहाजा, रेलवे स्टाफ ने रुपये जमा करके बच्चे का शव एंबुलेंस से सुल्तानपुर भिजवाया।
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