कानपुर: ड्रोन की निगरानी में करीब 3 लाख लोगों ने अदा की नमाज, चप्पे चप्पे पर मौजूद थी खाकी
कानपुर। पूरे देश में ईद उल अजहा यानी बकरीद की नमाज फर्ज और ईमान के साथ अदा की गयी। कानपुर में बड़ी ईदगाह पर नमाजियों ने नमाज अदा करने के बाद अमन चैन की दुआ की और केरल में बाढ़ पीड़ितों की लिए भी दुआ मांगी। ईद उल अजहा पर नमाज के बाद जिला प्रशासन व पुलिस के आला अधिकारियो ने नमाजियों को बधाई दी।

दोनों पक्षों को सहमति से यहां पढ़नी चाहिये नमाज
मुस्लिम धर्म में दो समुदायों हैं जिनमे एक है शिया और दूसरा समुदाय है सुन्नी दोनों की अपनी अलग कहानी है। बहुत कम ही मौके ऐसे होते हैं जब दोनों एक साथ मिलकर किसी काम पर सहमती जताते हों।
सुन्नी देवबंदी शहरकाजी ने कहा मौलाना अब्दुल ने कानपुर में रह रहे शियाओं की तादाद को लेकर बात कहीं। उन्होंने कहा कि कानपुर में शियाओं की तादाद सुन्नियों से कम है। वहीं लखनऊ में इन दोनों समुदायों की आबादी लगभग बराबर है। इसलिये अगर आपसी एकता की बात होती है तो एक साथ नमाज अदा करने में कोई भी हर्ज नहीं है। अगर दोनों समुदाय के मौलान राजी हो तो शिया और सुन्नी एक साथ कानपुर में नमाज अदा कर सकते हैं।

सुरक्षा व्यवस्था थी चाक चौबंद
बकरीद के दिन सुबह से ही जिला प्रशासन की टीम सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद गंभीर दिखाई दी। सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये थे। जिला प्रशासन द्वारा ईदगाह के अंदर तथ बाहर कैमरे लगवाए गए थे। यही नहीं सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक ना हो इसलिये प्रशासन द्वारा ड्रोन से भी निगरानी रखी जा रही थी तथा आस पास मौजूद इमारतों से अधिकारी दूरबीन की सहायता से निगरानी कर रहे थें।
प्रशासनिक अधिकारियों ने दी बधाई
नमाज के दौरान कानपुर मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, एडीजी, आईजी, एसएसपी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। नमाज के बाद सभी अधिकारियो ने ईद उल अजहा की मुबारकबाद दी। कानपुर समेत पूरे देश में ईद उल अजहा का त्यौहार बड़ी शिद्दत के साथ मनाया गया।












Click it and Unblock the Notifications