IIT कानपुर में 22 छात्रों का पत्ता साफ, जूनियर्स के साथ कर रहे थे गंदी हरकत
मामला इतना गंभीर था कि पांच घंटे चली बैठक में ये निर्णय लिया गया कि आरोपी 16 छात्रों को 3 साल के लिए और 6 छात्रों को एक साल के लिए इंस्टिट्यूट से निकाल दिया जाए।
कानपुर। आईआईटी कानपुर में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग किए जाने के मामले में सोमवार देर शाम सीनेट की लंबी चली बैठक में कड़ा फैसला लिया गया। मामला इतना गंभीर था कि पांच घंटे चली बैठक में ये निर्णय लिया गया कि आरोपी 16 छात्रों को 3 साल के लिए और 6 छात्रों को एक साल के लिए इंस्टिट्यूट से निकाल दिया जाए।

- आईआईटी कानपुर के सीनेट चेयरमैन ने बताया, आरोपी छात्रों ने जो अपनी सफाई दी, वो संतोषजनक नहीं थी। जिसके बाद सीनेट की बैठक में इनको निलंबित करने का फैसला किया गया।
- आरोपी 22 छात्रों में से 16 छात्रों को 3 साल के लिए और 6 छात्रों को एक साल के लिए इंस्टिट्यूट से निकाल दिया गया है।
- मामले की छानबीन करने पर वरिष्ठ प्रोफेसरों ने मामले को सही पाया।

- जूनियर छात्रों ने हॉस्टल हॉल-2 के कई सीनियर छात्रों पर आरोप लगाया था कि उनके साथ रैगिंग के दौरान गलत हरकतें की गई थीं। बात नहीं मानने पर कुछ की पिटाई भी की थी।
- पीड़ित छात्रों ने बताया कि उनसे उलटे-सीधे सवाल पूछे गए और अभत्रता की गई।

मामले को संज्ञान में लेते हुए सीनेट की बैठक में इन छात्रों को अग्रिम आदेश तक के लिए निलंबित किए जाने के साथ दशहरा की छुट्टी के बाद अपना पक्ष रखने का मौका दिया था। आरोपी छात्रों ने अपना पक्ष रखा लेकिन उनकी दलील काम नहीं आई। सीनेट में ये भी निर्णय लिया गया कि सभी आरोपी छात्र साल भर के अंदर दया की अपील नहीं कर सकेंगे। जब इनके निलंबन का समय पूरा होगा तब नए सिरे से प्रवेश लेना होगा। इन सभी छात्रों को छात्रावास से पहले ही बाहर किया जा चुका है।












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