इंटरनेशनल गर्ल्स डे पर रिकॉर्ड बनाने के चक्कर में लगातार 5 घंटे खड़ी रही छात्रा की मौत
हरदोई। यूपी के हरदोई में एक मामला सामने आया है। जहां जिले के विश्व बालिका दिवस पर प्रशासनिक के लापरवाही के चलते एक छात्रा की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि दिन भर कड़ी धूप में खड़े रहने व पीने का पानी न मिलने से बच्ची की हालत बिगड़ गयी। जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो कुछ ही देर में उसकी मौत हो गयी। दरअसल 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने कि लिए प्रशासन द्वारा आयोजित गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में प्रतिभाग करने के लिए शहर के स्कूल, कॉलेजों की 11 हजार छात्राओं को बुलाया गया था। सुबह 9 बजे से सभी छात्राएं जीआईसी परिसर में एकत्र हो गयी थी।

परिजनों का आरोप है कि लगातार एक ही स्थान पर 5 घंटे से खड़ी छात्राओं को पानी तक नसीब नहीं हुआ। उनके बैठने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। कड़ी धूप से परेशान छात्राएं जब छांव की ओर बढ़ी तो उन्हें खदेड़ दिया गया। नतीजन तमाम छात्राओं की हालत बिगड़ने लगी। इसी में शहर के पिहानी चुंगी स्थित आर्य कन्या पाठशाला की कक्षा 9 की छात्रा सुप्रिया शर्मा भी थी।

सुप्रिया जब घर पहुंची तो उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी। सुप्रिया को देखते ही परिजन घबरा गए। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां कुछ समय बाद ही उसकी मौत हो गयी। इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। 14 वर्षीय सुप्रिया विश्व मे हरदोई का नाम रोशन करने निकली थी, पर उसे क्या पता था कि वह अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ जाएगी। जीआईसी के जिस परिसर में 11 हजार छात्राएं एकत्र थीं, वहां पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं किया गया था। यहां तक कि कड़ी धूप से बचने के लिए आयोजकों ने टेंट तक नहीं लगवाया। हालांकि आयोजक बीएसए हेमन्त राव ने कहा कि प्रशासन की कोई लापरवाही सामने नहीं आई है।
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