दंतेवाड़ा नक्सली हमले में शहीद हुआ उन्नाव का लाल, परिजनों ने कहा- गृहमंत्री आएंगे तब होगा अंतिम संस्कार
Unnao News, उन्नाव। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सोमवार की शाम नक्सलियों के हमले में उन्नाव के रहने वाले सीआरपीएफ जवान शशिकांत तिवारी शहीद हो गए। घात लगाकर हुए इस हमले में पांच अन्य लोग घायल भी हो गए। जवान के शहीद होने की जानकारी उन्नाव पहुंचते ही डीएम, एससपी समेत तमाम पुलिस अधिकारी उनके घर पहुंच गए।

आरनपुर क्षेत्र में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे शशिकांत
सीआरपीएफ जवान शशिकांत तिवारी 221 बटालियन की एक टीम राज्य पुलिस इकाई के साथ जिले के आरनपुर क्षेत्र में सुरक्षा ड्यूटी पर थी। सीआरपीएफ जवान के शहीद होने की खबर जनपद वासियों को मिली तो घाव फिर हरे हो गए। अभी पुलवामा पुलवामा हमले में शहीद का गम भूल नहीं पाए थे कि एक और जवान के शहीद होने की खबर पहुंच गई। शहीद होने की खबर जैसे-जैसे सोशल मीडिया पर वायरल हुई वैसे वैसे शहीद के घर के सामने शुभचिंतक व अन्य की भीड़ इकट्ठा होने लगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी शहीद के घर जाकर परिवारी जनों को ढांढस बंधाया। आज देर शाम तक शहीद के शव आने की संभावना है।

देर शाम खबर पहुंची जनपद
सदर कोतवाली क्षेत्र के कब्बा खेड़ा निवासी शशिकांत तिवारी 42 पुत्र स्वर्गीय शिव सागर तिवारी सीआरपीएफ की 221 बटालियन मैं तैनात थे। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के कोंडा सांवली और कमल पोस्ट के बीच नक्सलियों के हमले में शशिकांत सहित 5 जवान घायल हो गए। जिन्हें रायपुर में एयर लिफ्ट करा कर उपचार के लिए ले जाया गया। बता दें कि शशिकांत के परिवार में पत्नी के अलावा एक पुत्र व एक पुत्री है। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

जब तक नहीं आएंगे गृहमंत्री तब तक नहीं होगा अंतिम संस्कार
दंतेवाड़ा में शहीद सीआरपीएफ के जवान शशिकांत तिवारी के परिजनों ने केंद्र सरकार से बड़ी मांग की है। उन्होंने कहा है कि अंतिम संस्कार तब होगा, जब केंद्रीय गृह मंत्री मौके पर आएंगे। अन्यथा मुखाग्नि नहीं दी जाएगी। शहीद शशिकांत तिवारी के पुत्र देवांश ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि उनकी और कोई मांग नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी एकमात्र मांग है कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह उनसे मिलने आए।












Click it and Unblock the Notifications