कोलकाता रेप मामले में धर्मेंद्र प्रधान ने बंगाल सरकार की लगाई फटकार, कहा- 'सबूत छुपाने की हो रही कोशिश'
Kolkata Doctor Case: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के मामले में कथित "असंवेदनशील रवैये" के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना की। उन्होंने इस जघन्य अपराध के कारण पूरे देश में बच्चों में "घटिया मानसिकता" के बारे में चिंता व्यक्त की।
आईआईटी खड़गपुर के एक कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य और केंद्र दोनों सरकारों को ऐसे मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार पर "कोई परवाह नहीं" वाला रवैया दिखाने और सबूत छिपाने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल में हुई इस घटना के बारे में बुनियादी सवाल उठाए हैं और सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रधान ने कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार, जो 'मां माटी मानुष' के नारे के साथ सत्ता में आई थी, अपने लोगों की न्याय की पुकार के प्रति "बहरी" हो गई है।
गिरफ्तार किए गए नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय का जिक्र करते हुए प्रधान ने कहा कि उनके पिछले कुकर्मों की रिपोर्ट के बावजूद उन्हें कोलकाता पुलिस ने भर्ती किया और वे सेवा में बने रहे। उन्होंने इस क्रूर घटना की निंदा की और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
घटना का विवरण
9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ड्यूटी के दौरान स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। इस दुखद घटना पूरे देश में आक्रोश है और लोग जगह-जगह कैंडल मार्च निकालकर न्याय की मांग कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर भी कैंपेन चलाए जा रहे हैं। वहीं इस रेप मामले में पुलिस हर रोज नए खुलासे कर रही है। इस घटना ने पश्चिम बंगाल में सुरक्षा और न्याय के बारे में गंभीर चिंताओं को उजागर किया है, तथा राज्य और केंद्रीय प्राधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
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