Umaria News: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथी के बच्चे को मारकर खा गए बाघ, शरीर का पिछला हिस्सा गायब
bandhavgarh elephant tiger attack: एसडीओ सुधीर मिश्रा ने बताया कि आमतौर पर बाघ हाथी पर हमला नहीं करता, लेकिन इस छोटे हाथी पर बाघ ने हमला करके उसे अपना शिकार बना लिया।

bandhavgarh elephant tiger attack: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा कोर रेंज में बाघ और हाथी के बच्चे के बीच हुए संघर्ष में हाथी की मौत हो गई है। हाथी की उम्र लगभग दो वर्ष के बीच आंकी गई है। इस मामले में जानकारी अनुसार बाघ ने हाथी के छोटे बच्चे पर हमला करके उसके शरीर को खाया भी है। इस घटना की जानकारी हाथी गश्ती दल को लगी, इसके बाद अधिकारियों को जानकारी दी गई। अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर हाथी के शव को कब्जे में ले लिया और उसका पीएम कराने के बाद अंतिम संस्कार करा दिया।
चिंतरांव बड़वाह मूडा में सोमवार सुबह लगभग 10:00 बजे दो वर्षीय के हाथी का शव मिला। शव के गले पर बाघों के दांतों, नाखूनों के गहरे घाव मिले, जबकि पिछला हिस्सा काफी हद तक गायब था।
बांधवगढ़ के क्षेत्र संचालक राजीव मिश्रा जानकारी दी कि मध्य प्रदेश में हाथी को बाघ द्वारा मारकर खाने का ये संभवतः पहली घटना है। हाथी को घसीटा गया। उसके बाघ से संघर्ष के निशान भी मिले हैं।
शव का पीएम करने वाले वेटरनरी डॉक्टर नितिन गुप्ता ने जानकारी दी कि ये रेयर टू रेयरिस्ट केस है। हाथी का कम से कम तीन बाघों ने मिलकर शिकार किया है। हमले के बाद एक बाघ करीब एक घंटे वहीं बैठा रहा। चौकीदारों ने घटना की पुष्टि की है।
हाथी की उम्र 2 वर्ष है, जबकि लंबाई 134 सेंटीमीटर है। इससे पहले कर्नाटक में एक ऐसा ही मामला आया था। लेकिन कभी हाथी के झुंड पर बाघ के हमले की कोई घटना रिकॉर्ड में नहीं हुई। मध्य प्रदेश के 6 टाइगर रिजर्व में से उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या सबसे ज्यादा है। यहां के बाघ इंसानी बस्तियों में भी घुस रहे हैं।












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