Mahakal lok में अगस्त तक पुनर्स्थापित हो सकती है सप्तऋषि की मूर्तियां, कहां तक पहुंचा काम, जानिए?
अब से कुछ दिनों पहले धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित महाकाल लोक में हवा और आंधी से गिरी सप्त ऋषियों की मूर्तियों का पुनर्निर्माण जारी है, जहां अगस्त तक महाकाल लोक में एक बार फिर सप्त ऋषि की मूर्तियों को स्थापित कर दिया जाएगा। इसे लेकर तैयारियों का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। वहीं अबकी बार सप्तर्षियों की मूर्तियों को बनाने के लिए विशेषज्ञों की टीम काम कर रही है।
महाकाल लोक में सप्त ऋषियों की मूर्ति स्थापित करने से पहले उन्हें बनाने का काम कर रहे विशेषज्ञों ने उज्जैन में 50 सालों में कितनी तेज हवा चली उसका रिकॉर्ड मांगा है। उसी के आधार पर मूर्तियों को तैयार किया जाएगा, और फिर इन्हें महाकाल लोक में स्थापित किया जाएगा।

मूर्तियों के निर्माण का काम जारी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सप्त ऋषि की मूर्तियां बनाने का काम तेज गति से जारी है, जहां 15 अगस्त के आसपास इन मूर्तियों को एक बार फिर महाकाल लोक में स्थापित कर दिया जाएगा। मूर्तियां लगाने के लिए अबकी बार विशेषज्ञों को बुलाया गया है, जहां विशेषज्ञ मूर्तियों के स्ट्रक्चर से लेकर मूर्तियों के बनने में लगने वाली सामग्रियों तक की जांच कर रहे हैं। इतना ही नहीं विशेषज्ञों ने मौसम विभाग से पिछले 50 साल में चली हवा आंधी की रफ्तार का आंकड़ा भी लिया है, जिसके आधार पर मूर्तियों को तैयार किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की हानि एक बार फिर से ना हो सके।
हवा-आंधी से हुआ था नुकसान
धार्मिक नगरी उज्जैन में आंधी और तूफान के चलते महाकाल लोक में भारी नुकसान हुआ था, जहां आंधी और तूफान के चलते महाकाल लोक में स्थित सप्तर्षियों की मूर्ति के साथ ही कई और भी मूर्तियां क्षतिग्रस्त हो गई थी। वहीं आंधी तूफान के बीच मूर्तियां टूटने के घटनाक्रम से ही आम जन में आक्रोश दिखाई दे रहा था तो वहीं सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपना आक्रोश व्यक्त किया था। वहीं अब हवा और आंधी से गिरी सप्त ऋषियों की मूर्तियों का पुनर्निर्माण जारी है, जहां अगस्त तक महाकाल लोक में एक बार फिर सप्त ऋषि की मूर्तियों को स्थापित कर दिया जाएगा।
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